
ठाणे ( युनिस खान ) ठाणे शहर में अनधिकृत निर्माणों को लेकर उच्च न्यायालय ने सख्त रुख अपनाया था और मनपा आयुक्त को अपनी मौजूदगी में कार्रवाई करने का आदेश दिया था। इसके बावजूद, शहर में बड़ी संख्या में अनधिकृत निर्माण कार्य अभी भी जारी हैं। हालाँकि, इन निर्माणों पर कार्रवाई करते समय अधिकारी ढिलाई बरतते नज़र आ रहे हैं। हाल ही में, मनपा आयुक्त ने ऐसी इमारतों को किसी भी हालत में बिजली न देने के आदेश दिए हैं।
अनाधिकृत निर्माण को लेकर ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने कहा कि वर्तमान में येउर सहित ठाणे शहर में 300 से ज़्यादा अनधिकृत निर्माण चल रहे हैं। जब मैंने 2021 में ऐसे अनधिकृत निर्माणों की शिकायत की थी, तो लोकायुक्त ने अनधिकृत निर्माणों को बिजली और पानी न देने का आदेश दिया था, लेकिन इमारतों को बिजली और पानी की आपूर्ति की गई। तो क्या लोकायुक्त के आदेश के बाद भी बिजली और पानी की आपूर्ति करने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई होगी? अनधिकृत निर्माण मामले में सहायक आयुक्त की जांच का क्या हुआ? क्या येउर वन क्षेत्र में बिना अनुमति निर्माण की अनुमति देने वाले अधिकारियों पर कार्रवाई की जाएगी?
अनधिकृत निर्माण किसके आशीर्वाद से हुए, इसमें किसका पैसा लगा है, डेवलपर कौन है, बिजली-पानी उपलब्ध कराने वाला अधिकारी कौन है, ठाणे में कौन मालिक है जो इन निर्माणों को नियंत्रित करता है, जैसे कई सवाल उठाते हुए इन सभी की जांच होनी चाहिए और भ्रष्टाचार विरोधी आयोग (एसीसी) के तहत कार्रवाई की जानी चाहिए क्योंकि यह एक तरह का संगठित अपराध है। अब से, अनधिकृत निर्माणों को हटाने की सभी गतिविधियाँ अदालत की निगरानी में होनी चाहिए। उन्होंने इस आशय मांग एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में की। उनके साथ मुख्य प्रवक्ता राहुल पिंगले और प्रवक्ता हिंदूराव गलवे मौजूद थे। उन्होंने यह भी कहा कि अगर आयुक्त इस संबंध में ठोस रुख नहीं अपनाते हैं, तो वे जनहित याचिका दायर करेंगे।


