
ठाणे [ युनिस खान ] रेल दुर्घटनाओं होने वाली मृत्यु रोकने एवं पीड़ित परिवारों को आधार देने के लिए रेल प्रशासन से ठोस उपाय योजना बनाने की मांग ठाणे जिला रेल पैसेंजर्स वेलफेयर असोसिएशन ने की है . असोसिएशन के अध्यक्ष ओमप्रकाश शर्मा ने रेलवे बोर्ड को लिखे अपने पत्र में रेलवे दुर्घटनाओं मरने वालों की संख्या पर चिंता व्यक्त करते हुए कहा है कि एक युद्ध में मरने वालों की संख्या के करीब रेल दुर्घटनाओं में मृत्यु होती है . इन दुर्घटनाओं बड़ी संख्या में लोग घायल होते हैं , पीड़ित परिवारों को आधार देने के लिए ठोस उपाय योजना लागू करने का निर्णय लेने की आश्यकता है . ठाणे जिला रेल पैसेंजर्स वेलफेयर असोसिएशन गत 40 वर्षों से इस क्षेत्र में कार्यरत है। एसोसिएशन के अध्यक्ष शर्मा ने कहा है कि मुंबई उपनगरीय सेल सेवा मुंबई की जीवन रेखा मानी जाती है . यात्रियों को समय से गंतव्य स्थान तक पहुंचाने के साथ ही भारतीय रेलवे के राजस्व में महत्वपूर्ण योगदान देते है .वहीँ रेल से होने वाली दुर्घटनाओं को देखे तो मरने वालों का आंकड़ा चिंतित करने वाला है . रेलवे से मिले आंकड़े के अनुसार मध्य रेलवे से होने वाली विविध दुर्घटनाओं में वर्ष 2024 के दौरान 1533 लोगों की मृत्यु और 1655 लोग घायल हुए थे . इसी तरह एक दशक के आकड़ों का अनुमान लगाने पर अकेले मध्य रेलवे की दुर्घनाओं में करीब 15000 मृत्यु और 16000 घायल होने की संख्या पहुँचती है . इसमें पश्चिम रेलवे के आंकड़े जोड़ दें तो चिंताजनक आंकड़े सामने आयेंगे . पश्चिम रेलवे में चर्चगेट से दहानू के बीच दुर्घटना में मरने वालों की संख्या बढ़ती जा रही है।दुर्घटनाओं में मृतक और घायलों के हजारों परिवार संकट में आ जाते हैं ,
असोसिएशन के अध्यक्ष शर्मा ने कहा है कि हम ऐसी दुर्भाग्यपूर्ण में मुआवजा देने में दावा न्याय प्राधिकरण की भूमिका को स्वीकार करते हैं लेकिन यह स्पष्ट है कि मुआवजे की राशि बेहद अपर्याप्त है .इसके आलावा भुगतान में लंबी देरी के कारन पीड़ित परिवारों तक सहायता राशि पहुँचने तक अप्रभावी हो जाती है . जिससे पीड़ित परिवारों को प्रायः भारी भावनात्मक और आर्थिक कठिनाई क सामना करना पड़ता हैं . मृतकों के निकटम रिश्तेदारों को रेलवे में नौकरी या स्टॉल दिया जाए। रेलवे बोर्ड प्रायः प्रभावित परिवारों को सहायता देने की प्रतिबद्धता दोहराता रहा है . जिसे देखते हुए हम रेलवे बोर्ड से शीघ्र ठोस उपाय योजना क्रियान्वित करने की मांग करते हुए कुछ सुझाव दिए हैं .
इसमें वास्तविक यात्री की मृत्यु होने पर निकटतम परिजनों को रोजगार , घायलों को स्टाल या अन्य आजीविका के अवसर देने , सहायता राशि में वृद्धि और राशि मुहैया कराने में गतिशीलता लाने जैसे ठोस उपाय योजना क्रियान्वित कर पीड़ित परिवारों को आधार दिया जा सकता है .


