
ठाणे [ युनिस खान ] दोस्ती गौरव पुरस्कार समारोह में एड बी एल शर्मा को याद करते हुए डा सुशील इंदौरिया ने कहा कि उनमें अदभुत आयोजन क्षमता थी। अस्पताल में भर्ती रहते हुए भी कार्यक्रम का आयोजन कर देते थे जिसमे बड़ी संख्या लोग आ जाते थे। उनमें सभी आयोजनों को सफल बनाने की कला और लोगों प्रेम था। आज उनकी कमी समाज को खल रही है। समारोह में पूर्व न्यायाधीश सुरेश द्ववेदी के शुभ हाथों एड शर्मा के बचपन के मित्र शशिकांत शिर्के , बिहारीलाल शर्मा , प्रदीप गोयंका को दोस्ती गौरव पुरस्कार देकर सम्मानित किया गया। समारोह को संबोधित करते हुए डा इंदौरिया ने कहा कि एड शर्मा आज हमारे बीच नहीं हैं लेकिन उनके कार्य समाज के लिए प्रेरणादायी बने रहेंगे। एक बार उनकी तबीयत अच्छी नहीं थी वे अस्पताल में भर्ती थे। अस्पताल से ही हिंदी दिवस के आयोजन की तैयारी की और दूसरे दिन कार्यक्रम में 400 से अधिक लोग जमा हो गए। चिराग लेकर खोजने पर भी एड शर्मा जैसा व्यक्ति दूसरा नहीं मिलेगा। भाजपा के वरिष्ठ नेता और आयोजक ओमप्रकाश शर्मा ने कहा कि चार भाईयों में एड शर्मा सबसे छोटा होने के बावजूद सामाजिक ,साहित्यिक , धार्मिक और पारिवारिक कार्यक्रमों के माध्यम अपनी अमिट पहचान बनाया। कभी किसी प्रकार का भेदभाव किए बगैर सबके साथ न्याय करते थे। सभी भाई हमेशा उनके साथ खड़े रहे। आज वह हमारे बीच नहीं है उनके कार्यों को सभी के सहयोग से आगे बढाने का सिलसिला शतत जारी रहेगा। उनके निधन को अभी छह माह भी नहीं हुए लेकिन उनकी स्मृति में विविध धार्मिक और सामाजिक कार्यक्रमों आयोजन किया जा रहा है। समारोह में विश्वनाथ जोशी , सत्यनारायण शर्मा , के पी मिश्रा ,जनार्दन शर्मा , एस रामकृष्णन , बालमुकुंद मिश्रा ,मुरारीलाल शर्मा , अशोक पारेख , आनंद शर्मा , सुमन अत्री आदि प्रमुख रूप से उपस्थित थे।


