
ठाणे ( इमरान खान ) उच्च न्यायालय के आदेशानुसार, छह फीट तक की सभी गणेश प्रतिमाओं का विसर्जन कृत्रिम तालाब में किया जाएगा। जबकि, छह फीट से अधिक ऊँचाई वाली प्रतिमाओं का विसर्जन प्राकृतिक जल स्रोतों में किया जा सकेगा। इसी के चलते, कृत्रिम तालाब और मोबाइल विसर्जन व्यवस्था को बढ़ा दिया गया है। मनपा की ओर से बताया है कि पिछले वर्ष की तुलना में इस वर्ष डेढ़ गुना अधिक विसर्जन व्यवस्था की जा रही है।
आइए, हम गणेशोत्सव, जिसे राजकीय उत्सव का दर्जा दिया गया है, को हर वर्ष की तरह इस वर्ष भी उसी उत्साह के साथ मनाएँ। आयुक्त सौरभ राव ने इस तरह अपील की है। उन्होंने कहा कि गणपति बप्पा के आशीर्वाद से यह उत्सव सुचारू रूप से मनाया जाए और नागरिकों को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसका ध्यान रखा जाए। मनपा की ओर से मंगलवार को मनपा मुख्यालय स्थित स्वर्गीय नरेंद्र बल्लाल सभागृह में पर्यावरण अनुकूल गणेशोत्सव 2025 के आयोजन हेतु एक बैठक आयोजित की गई। मनपा आयुक्त सौरभ राव की अध्यक्षता में आयोजित इस बैठक में गणेशोत्सव मंडलों, विक्रेताओं के प्रतिनिधियों, मनपा के अतिरिक्त आयुक्त प्रशांत रोडे, पुलिस उपायुक्त प्रशांत कदम, पुलिस उपायुक्त (यातायात) पंकज शिरसाट, मनपा उपायुक्त मनीष जोशी, शंकर पटोले, मधुकर बोडके, दिनेश तायडे, सचिन सांगले, मुख्य पर्यावरण अधिकारी मनीषा प्रधान के साथ मनपा, महावितरण, टोरेंट पावर, गैर सरकारी संगठनों के प्रतिनिधि उपस्थित थे।
उच्च न्यायालय के आदेश और कृत्रिम तालाबों की ओर बढ़ते रुझान को ध्यान में रखते हुए मनपा ने इस वर्ष विसर्जन की अतिरिक्त व्यवस्था की है। आयुक्त राव ने स्पष्ट किया कि प्रभाग समिति और पुलिस स्टेशन स्तर पर आयोजित गणेशोत्सव मंडलों की बैठकों में यदि और सुझाव प्राप्त होते हैं, तो उन्हें भी विसर्जन व्यवस्था में शामिल किया जाएगा। गणेश भक्तों का उत्साह बढ़ रहा है और साथ ही पर्यावरण के प्रति जागरूकता भी बढ़ रही है। पिछले वर्ष की गई मोबाइल विसर्जन व्यवस्था का नागरिकों ने स्वागत किया। इसलिए, इस वर्ष टीमों की संख्या बढ़ाकर 15 कर दी गई है, ऐसा आयुक्त राव ने भी बताया। इस वर्ष कुल 132 स्थानों पर विसर्जन व्यवस्था की जाएगी, जिनमें 24 कृत्रिम तालाब, 74 तालाब विसर्जन व्यवस्था, 15 मोबाइल विसर्जन व्यवस्था, 09 घाट विसर्जन व्यवस्था और 10 मूर्ति स्वीकृति केंद्र शामिल हैं। पिछले वर्ष कुल 88 विसर्जन व्यवस्थाएँ थीं।


