
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे में भाजपा और महायुति की ओर से ‘लोकतंत्र बचाओ, अराजकता हटाओ’ पदयात्रा का आयोजन किया गया। इस पदयात्रा में महाराष्ट्र में मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस ने कांग्रेस और राहुल गांधी पर निशाना साधते हुए आरोप लगाया कि विपक्ष लोकतंत्र के नाम पर जनता को गुमराह कर रहा है। उन्होंने कहा कि देश के संविधान और लोकतांत्रिक संस्थाओं की रक्षा करना सभी की जिम्मेदारी है। अपने संबोधन में उन्होंने 1975 के आपातकाल का भी उल्लेख किया। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने अपने संबोधन में कांग्रेस और विपक्षी गठबंधन पर निशाना साधा। उन्होंने विपक्ष द्वारा लोकतंत्र खतरे में होने के लगाए जा रहे आरोपों पर सवाल उठाए। उन्होंने कहा कि लोकतंत्र के नाम पर राजनीति करने के बजाय ठोस तथ्यों के आधार पर बात होनी चाहिए।बइस पदयात्रा में महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे, केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव और भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण सहित कई वरिष्ठ नेताओं ने हिस्सा लिया।
पदयात्रा की शुरुआत ठाणे के पाचपाखाड़ी स्थित परमार्थ निकेतन से हुई। इसके बाद यात्रा चंदनवाड़ी, अल्मेडा चौक और दगड़ी शाला होते हुए तलावपाली पहुंची, जहां इसका समापन हुआ।इस दौरान भाजपा और शिवसेना (शिंदे गुट) के बड़ी संख्या में कार्यकर्ता और समर्थक शामिल हुए। पूरे मार्ग पर राजनीतिक नारों और कार्यकर्ताओं की मौजूदगी से माहौल राजनीतिक रंग में नजर आया। इस पदयात्रा में केंद्रीय मंत्री भूपेंद्र यादव, भाजपा प्रदेश अध्यक्ष रवींद्र चव्हाण, मंत्री गणेश नाईक, प्रताप सरनाईक, सांसद डॉ. श्रीकांत शिंदे और सांसद नरेश म्हस्के सहित कई नेता उपस्थित रहे। पदयात्रा के मद्देनजर पाचपाखाड़ी और आसपास के क्षेत्रों में यातायात व्यवस्था में बदलाव किया गया। कुछ मार्गों पर वाहनों की आवाजाही प्रभावित हुई, जिसके चलते वाहन चालकों को परेशानी का सामना करना पड़ा। कुल मिलाकर, ठाणे में आयोजित इस पदयात्रा के जरिए भाजपा और महायुति ने लोकतंत्र, संविधान और राजनीतिक मुद्दों को लेकर विपक्ष के खिलाफ अपना रुख सामने रखा। कार्यक्रम में बड़ी संख्या में कार्यकर्ताओं की भागीदारी देखने को मिली।


