
नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने मनपा के फैसले का किया स्वागत
ठाणे ( यूनिस खान ) घोड़बंदर रोड इलाके में रहने वाले नागरिकों को पर्याप्त पानी नहीं मिलने के कारण नई इमारतों को पानी के कनेक्शन देने का पिछले छह वर्षों से लगातार विरोध किया जा रहा था। आखिरकार मनपा द्वारा नई इमारतों को पानी कनेक्शन नहीं देने के फैसले का भाजपा के घोड़बंदर रोड क्षेत्र के नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने स्वागत किया है। उन्होंने इस निर्णय पर संतोष व्यक्त करते हुए इसे उचित कदम बताया।
घोड़बंदर रोड पर गायमुख से भाईंदरपाड़ा तक बड़े पैमाने पर आवासीय परियोजनाओं का निर्माण शुरू होने के बाद से ही इस क्षेत्र में पानी की किल्लत बढ़ने लगी थी। इसका खामियाजा पुराने निवासियों को भुगतना पड़ रहा था। इस समस्या को लेकर उच्च न्यायालय में जनहित याचिका भी दाखिल की गई थी। मई 2017 में हुई सुनवाई के दौरान उच्च न्यायालय ने घोड़बंदर रोड की निर्माण परियोजनाओं को सीसी और ओसी जारी करने पर रोक लगा दी थी। उस समय मनपा ने न्यायालय में हलफनामा दाखिल कर बताया था कि वर्ष 2012 से 2017 के बीच 206 परियोजनाओं को 1,478 पानी कनेक्शन दिए गए थे। मनपा ने यह भी दावा किया था कि क्षेत्र में पानी की कमी नहीं है और बढ़ती आबादी को ध्यान में रखते हुए जलापूर्ति की योजना बनाई जा रही है। हालांकि, ओसी नहीं मिलने के कारण उस समय 285 इमारतें प्रभावित हुई थीं। बाद में अक्टूबर 2017 में न्यायालय ने यह रोक हटा दी थी। पिछले 10 से 12 वर्षों से घोड़बंदर रोड के नागरिक गंभीर जलसंकट का सामना कर रहे हैं। यहां तक कि बरसात के मौसम में भी लोगों को पानी की किल्लत झेलनी पड़ी है। कोरोना संक्रमण के दौरान सितंबर 2020 में नई निर्माण परियोजनाओं को पानी की आपूर्ति बंद करने की मांग की गई थी, लेकिन मनपा ने इस मांग पर गंभीरता से ध्यान नहीं दिया।
इस मुद्दे को लेकर लगातार प्रयास किए गए, लेकिन मनपा की ओर से ठोस कदम नहीं उठाए गए। परिणामस्वरूप क्षेत्र में टैंकर माफिया का प्रभाव बढ़ता गया और नागरिकों को पानी खरीदने के लिए अतिरिक्त आर्थिक बोझ उठाना पड़ा। नगरसेवक मनोहर डुंबरे ने कहा कि मनपा ने बढ़ती आबादी के अनुसार जलापूर्ति की योजना बनाने का दावा न्यायालय में किया था, लेकिन यह योजना धरातल पर दिखाई नहीं दी। नई इमारतों में घर खरीदकर रहने आने वाले नागरिकों को भी पानी की समस्या से जूझना पड़ता है। बिल्डर घरों का कब्जा देकर चले जाते हैं और बाद में पानी की समस्या से परेशान निवासी नगरसेवकों के पास पहुंचते हैं। इस तरह जलसंकट का ठीकरा बेवजह जनप्रतिनिधियों पर फोड़ा जाता है। उन्होंने कहा कि घोड़बंदर रोड के मौजूदा निवासियों को पर्याप्त पानी उपलब्ध कराना प्राथमिकता होनी चाहिए। ऐसे में मनपा द्वारा नई इमारतों को पानी कनेक्शन नहीं देने का लिया गया निर्णय पूरी तरह उचित है।


