
दिवाली स्नेह सम्मेलन में आपसी संवाद और भाईचारे का दिया संदेश
नवी मुंबई ( यूनिस खान ) दीपावली का त्योहार सभी को एक साथ आने और आपसी रिश्तों में मिठास बढ़ाने की सीख देता है। एक-दूसरे से मिलने और संवाद करने से आपसी संबंध मजबूत होते हैं। ऐसे में जनप्रतिनिधियों, प्रशासनिक अधिकारियों और पत्रकारों का एक साथ मिलकर दीपावली मनाना बेहद आनंददायक है। सभी को अपने परिवार के साथ मिलकर दीपावली मनानी चाहिए और रिश्तों को मजबूत बनाना चाहिए। यह बात नवी मुंबई की महापौर सुजाता पाटील ने कही।
नवी मुंबई मनपा की ओर से दीपावली के अवसर पर मीडिया प्रतिनिधियों के लिए दिवाली स्नेह सम्मेलन का आयोजन किया गया था। इस अवसर पर महापौर ने पत्रकारों के साथ संवाद किया। कार्यक्रम में उपमहापौर दशरथ भगत, मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे, महिला एवं बाल कल्याण समिति की सभापति सलुजा सुतार, प्रभाग समिति अध्यक्ष शैला पाटील, अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार और डॉ. राहुल गेठे, शहर अभियंता शिरीष आरदवाड सहित विभिन्न विभागों के अधिकारी तथा प्रिंट और इलेक्ट्रॉनिक मीडिया के प्रतिनिधि बड़ी संख्या में उपस्थित थे।
इस अवसर पर उपमहापौर दशरथ भगत ने अपने चिरपरिचित बेबाक अंदाज में आचार्य अत्रे से जुड़े रोचक किस्से सुनाए। उन्होंने पत्रकारों के साथ अपने संबंधों और शहर के विकास में मीडिया के योगदान को रेखांकित किया। उन्होंने कहा कि सभी को ‘खुशियां बांटें, खुशियां पाएं और आनंद में रहें’ की भावना के साथ काम करना चाहिए।
मनपा आयुक्त डॉ. कैलास शिंदे ने मौजूदा सूखे की स्थिति का उल्लेख करते हुए नागरिकों से अपील की कि दीपावली की खुशियां मनाते समय सूखाग्रस्त किसानों और जरूरतमंदों को भी याद रखें तथा मुख्यमंत्री सहायता निधि में यथासंभव आर्थिक मदद करें। उन्होंने स्वच्छता और प्रदूषण को महत्वपूर्ण मुद्दा बताते हुए कहा कि नवी मुंबई की स्वच्छ और रहने योग्य शहर की पहचान बनाए रखना सभी की जिम्मेदारी है। दीपावली पर पटाखे जलाते समय इस बात का ध्यान रखा जाए कि वायु और ध्वनि प्रदूषण न बढ़े। उन्होंने कहा कि मनपा शहर में बेहतर सुविधाओं के साथ नागरिकों के खुशहाली सूचकांक को बढ़ाने पर भी विशेष ध्यान दे रही है।
अतिरिक्त आयुक्त सुनील पवार ने शहर के विकास में पत्रकारों की महत्वपूर्ण भूमिका को रेखांकित किया और शेरो-शायरी के माध्यम से सम्मेलन में रंग भर दिया। अतिरिक्त आयुक्त डॉ. राहुल गेठे सहित कई पत्रकारों ने भी अपने विचार व्यक्त किए और दीपावली की शुभकामनाएं दीं। स्नेह सम्मेलन में कविता, गीत, हास्य-विनोद और पुरानी यादों को साझा करते हुए सभी ने दीपावली का आनंद लिया।


