
लेनाड और नडगांव में सैकड़ों महिलाओं ने श्रमदान कर बनाया वनराई बांध
ठाणे ( यूनिस खान ) महाराष्ट्र के कई इलाकों में पानी की किल्लत और सूखे की आशंका के बीच जल संरक्षण को लेकर जिजाऊ शैक्षणिक एवं सामाजिक संस्था ने सराहनीय पहल की है। भविष्य में जल संकट की गंभीरता को देखते हुए संस्था के संस्थापक अध्यक्ष निलेश सांबरे के मार्गदर्शन में शहापुर तालुका के लेनाड और नडगांव में श्रमदान के माध्यम से वनराई बांध का निर्माण किया गया।
इस अभियान का मुख्य उद्देश्य बारिश के पानी को बहकर बर्बाद होने से रोकना और उसे जमीन में संरक्षित करना है। बदलते मौसम, अनियमित बारिश और भूजल स्तर में लगातार गिरावट के कारण आने वाले समय में पानी की समस्या गंभीर हो सकती है। इसी को ध्यान में रखते हुए जिजाऊ संगठन की ओर से जल संरक्षण अभियान चलाया गया। इस अवसर पर जिजाऊ संगठन की भिवंडी लोकसभा प्रमुख मोनिका पानवे, शहापुर तालुका प्रमुख एवं रत्नागिरी संपर्क प्रमुख दिनेश निमसे, जिजाऊ संस्था के शहापुर तालुका अध्यक्ष सुदर्शन पाटील, विभाग प्रमुख अजित दांडकर, सुभाष हरड, संदीप ठाकरे, विनोद निमसे, यशवंत वाख, किशोर धसाडे सहित कामिनी भालके, शायरा शेख, कीर्ति भोईर और मानसी गायकर समेत संगठन के पदाधिकारी, कार्यकर्ता तथा सैकड़ों महिलाएं उपस्थित थीं।
इस अवसर पर यह संदेश दिया गया कि पानी की किल्लत होने के बाद उपाय करने के पहले से ही जल संरक्षण के प्रयास किए जाने चाहिए। जल संरक्षण केवल सरकार या किसी संस्था की जिम्मेदारी नहीं, बल्कि समाज के प्रत्येक नागरिक का सामूहिक दायित्व है। जनभागीदारी और श्रमदान के माध्यम से ऐसे प्रयास किए जाएं तो गांवों को जलसमृद्ध बनाया जा सकता है। लेनाड और नडगांव में जिजाऊ संगठन की यह पहल महिला सशक्तीकरण, सामाजिक एकजुटता और पर्यावरण संरक्षण की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम साबित हुई है।


