

भिवंडी [ युनिस खान ] भिवंडी दीवाणी न्यायालय में संविधान दिन पर भारी उत्साह से कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर चौगुले महाविद्यालय में शिक्षा ग्रहण कर रहे कानून के विद्यार्थियों को शिक्षण समयावधि में सावधान रहकर संविधान में नागरिकों के कर्तव्य अधिकार का कैसे उपयोग किया जाए इसकी समुचित व्याख्या कानूनविदों द्वारा की गई। विद्यार्थियों को अच्छे तरीके से कानून पाठ्यक्रम का अभ्यास कर कानून क्षेत्र में नाम उज्जल करने का आह्वान भिवंडी न्यायालय के सह दीवाणी न्यायाधीश जितेंद्र पालीवाल ने किया।
संविधान सम्मान दिन के उपलक्ष्य में चौगुले महाविद्यालय में कानून की शिक्षा ग्रहण कर रहे विद्यार्थी व वकीलों के मार्गदर्शन के लिए कानूनी व्याख्यान भिवंडी वकील संघटना की तरफ से आयोजित किया गया। इस मौके पर भिवंडी न्यायालय के मुख्य दिवानी न्यायाधीश शहजाद परवेज, सह दिवाणी न्यायाधीश एम.एम.माली, न्यायाधीश एच. वाय. कवले,
न्यायाधीश एस. एस. काले, न्यायाधीश एस.व्ही. सालवे, न्यायाधीश पी. एस.बिडकर, भिवंडी वकील संघटना अध्यक्ष मनजीत राऊत, पूर्व अध्यक्ष एड नारायण अय्यर, एड.हर्षल पाटील,
भिवंडी तालुका वकील संघ अध्यक्ष रवींद्र भोईर, एड फैयाज शेख, एड.निवेदिता वतारी,भक्ती चौघुले आदि गणमान्य वकील सहित श्रीइन्द्रपाल चौघुले विधि महाविद्यालय के विद्यार्थी उपस्थित थे। भिवंडी वकील संघटना अध्यक्ष मनजीत राऊत द्वारा संविधान के बारे में विद्यार्थीयों को वकील के पेशे के महत्व समझाते हुए पेशे में सामाजिक बन्धुत्व व जबाबदारी से अवगत कराया। उन्होंने कहा कि भारतरत्न डॉ.बाबासाहेब आंबेडकर नें जो संविधान निर्माण किया वह संसार का सबसे न्यायपरक व महान है। एड नारायण अय्यर नें कहा कि संविधान में अधिकार और कर्तव्य की जानकारी को आत्मसात करने की आवश्यकता है। कार्यक्रम की शुरुआत गणमान्य हस्तियों द्वारा डाक्टर बाबासाहेब आंबेडकर की प्रतिमा पर पुष्पहार अर्पण व संविधान का पठन-पाठन कर किया गया।


