Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़महाराष्ट्र

शिक्षकों को प्रतिदिन एक समाचार , पत्रिका व पुस्तक पढना आवश्यक – जियाउर रहमान 

ठाणे [ युनिस खान ] शिक्षकों को प्रतिदिन कम से कम एक समाचार पत्र , महीने में एक मैगज़ीन और साल में तीन किताबें पढ़नी चाहिये। भिवंडी राईस हाई स्कूल एंड जूनियर कॉलेज के प्राचार्य जिया-उर-रहमान  ने अपने भाषण में कहा कि आज शिक्षक की अवधारणा केवल एक कक्षा, एक ब्लैकबोर्ड एम डस्टर तक ही सीमित है। जो एक शिक्षक के लिए बहुत निराशाजनक होगा।
         उन्होंने आगे कहा कि एक शिक्षक के लिए वह आधे घंटे की पीरियड पूरी शिक्षा व्यवस्था के लिए बहुत महत्वपूर्ण होता है। एक शिक्षक बिना सोच और दूरदृष्टि के शिक्षाकर्मी तो बन सकता है लेकिन वह राष्ट्र का वास्तुकार नहीं बन सकता। इसके अलावा यहां भिवंडी में यशवंतराव चव्हाण विश्वविद्यालय के प्रभारी, पूर्व प्राचार्य अब्दुल अजीज अंसारी ने कहा कि पैगम्बर मुहम्मद साहब दुनिया और मानवता के सबसे महान शिक्षक हैं और हम शिक्षक उनके नायब हैं, लेकिन देश में शिक्षक दिवस क्यों मनाया  है? यह डा सरूपल्ली राधाकृष्णन के जन्मदिन से जोड़ा जाता है, जो एक महान विचारक थे। उन्होंने 40 वर्षों तक शिक्षा की सेवा की। दुनिया के 17 विश्वविद्यालयों ने उन्हें डॉक्टरेट की उपाधि से सम्मानित किया।उन्होंने कई रचनाएं लिखीं ,जब उनके छात्रों ने कहा कि वे उनका जन्मदिन मानाना चाहते हैं तो उन्होंने कहा कि मेरे जन्मदिन को शिक्षक दिवस के रूप में मनाएं। यहां के जाने-माने धार्मिक विद्वान मौलाना महफूजुर रहमान अलीमी ने कहा कि इस्लाम में सभी कर्तव्यों और आदेशों में से जिस चीज को सबसे ज्यादा महत्व दिया गया। वह है ज्ञान जिसके अधिग्रहण को कर्तव्य घोषित किया गया है। और हर वह ज्ञान जो मानवता के लिए लाभकारी हो, उपयोगी ज्ञान कहलाता है।
       कार्यक्रम के अध्यक्ष और पूर्व शिक्षक नूर मोहम्मद अनवर ने कहा कि आज का कार्यक्रम आज के दिन की तुलना में बहुत महत्वपूर्ण और प्रभावी माना जाएगा क्योंकि यह एक अनोखा कार्यक्रम है। कार्यक्रम जो केवल शिक्षकों के लिए है, जिसमें शिक्षकों को एक सोच और एक विचार दिया गया है। कार्यक्रम का आयोजन प्रसिद्ध शिक्षक सैयद जाहिद अली , इसराइल खान आदि ने अपने विचार व्यक्त किये। उर्दू सवेरा फाउंडेशन के अध्यक्ष अनवारुल हक खान ने कहा कि उर्दू सवेरा फाउंडेशन की स्थापना का उद्देश्य साहित्यिक कार्यक्रमों के अलावा इतिहास के खोए हुए पन्नों से इन बौद्धिक और साहित्यिक हस्तियों को नई नस्लों को परिचित कराना है।
        इस अवसर पर  6 शिक्षकों को उनकी शिक्षा ,सामाजिक सेवा और उत्कृष्ट कार्यों के लिए सम्मानित किया गया। जिस में भिवंडी से इकबाल अंसारी , जोगेश्वरी से सैयद खालिद, मुंब्रा टीएमसी स्कूल की कुलसुम अंसारी , रिजवाना सैयद , अब्दुलकरीम टीएमसी स्कूल मुंब्रा और अब्दुल्ला अल्वी को सम्मानित किया गया।

संबंधित पोस्ट

विस्फोटक भरी स्कार्पियो के मालिक मनसुख हिरेन हत्या मामले में दो आरोपियों को एटीएस ने किया गिरफ्तार

Aman Samachar

ग्लोबल अस्पताल में महाविद्यालय से उत्तीर्ण यूनानी डाक्टरों की सेवा लेने का भाजपा ने लगाया आरोप 

Aman Samachar

कैबिनेट मंत्री दर्जा मिलने पर विवेक पंडित का जय परशुराम सेना ने किया सत्कार 

Aman Samachar

घास कटाने खेत में गए किसान की सर्पदंश से मृत्यु

Aman Samachar

सिडबी ने एमएसएमई की वित्तीय जरूरतों को पूरा करने के लिए होसुर में किया एक नए कार्यालय का उद्घाटन

Aman Samachar

स्कूल मार्ग इलाके में पुलिस गस्त बढ़ाने की महिलाओं ने की पुलिस से मांग

Aman Samachar
error: Content is protected !!