
ठाणे ( युनिस खान ) ठाणे शहर में खुलेआम अवैध निर्माण चल रहा है और प्रशासन जानबूझकर इसे नजरअंदाज कर रहा है। इस बारे में कई बार लिखित शिकायत करने के बावजूद भी अधिकारी कोई ठोस कार्रवाई नहीं करते हैं, बल्कि अधिकारी हफ्ता वसूल रहे हैं। कुछ दिनों पहले ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण के नेतृत्व में प्रशासन में बैठे ऐसे भ्रष्ट अधिकारियों की अनधिकृत निर्माणों को संरक्षण देने की भूमिका के खिलाफ वर्तक नगर प्रभाग समिति कार्यालय के सामने भूख हड़ताल की गई।
इस आंदोलन पर तत्काल संज्ञान लेते हुए प्रशासन ने प्रभाग समिति के पास नाले पर बनी एक अनधिकृत इमारत को तुरंत गिरा दिया। इमारत को पूरी तरह से गिराने और अन्य इमारतों के खिलाफ भी कार्रवाई करने का लिखित आश्वासन दिया। हालांकि, हकीकत में प्रभाग समिति से पैदल दूरी पर स्थित और नाले पर बनी इस इमारत को संरक्षित किए जाने से ठाणे कांग्रेस अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण ने कहा कि जब तक इस इमारत को गिराया नहीं जाता और प्रशासन अन्य अनधिकृत निर्माणों के खिलाफ कार्रवाई नहीं करता, तब तक भूख हड़ताल जारी रहेगी।
इस समय प्रभाग समिति के सामने चल रही भूख हड़ताल की दूसरी कड़ी के बारे में बोलते हुए उन्होंने कहा कि वर्तक नगर चौकी पर पीपीपी योजना की घोषणा हुए चार साल हो चुके हैं। इस संबंध में महासभा द्वारा प्रस्ताव पारित किया जा चुका है और आयुक्त की मंजूरी भी मिल चुकी है। लेकिन राजनीतिक दबाव के कारण उस स्थान पर अनधिकृत निर्माणों को नहीं तोड़ा जा रहा है। इसलिए यह शर्म की बात है कि वरिष्ठ नागरिकों को न्याय के लिए सड़कों पर उतरना पड़ रहा है। अगर उन्हें भी न्याय नहीं मिला तो मैं आयुक्त कार्यालय के सामने भूख हड़ताल पर बैठूंगा। इसलिए मैंने मांग की है कि उन सभी अधिकारियों की जांच की जाए जो लगातार अनधिकृत निर्माणों को आश्रय दे रहे हैं। वे अपना घर भर रहे हैं और उनके खिलाफ सख्त कार्रवाई की जाए। इस अवसर पर ठाणे कांग्रेस के प्रवक्ता राहुल पिंगले सहित महेंद्र म्हात्रे, निशिकांत कोली, भालचंद्र महाडिक, रवि कोली, स्मिता वैती, संगीता कोटाल, विनीत तिवारी, अजिंक्य भोईर, नीलेश पाटिल, राजू शेट्टी और अन्य पदाधिकारी बड़ी संख्या में उपस्थित थे।


