
नवी मुंबई ( यूनिस खान ) राष्ट्रीय स्तर पर मान्यता प्राप्त वित्तीय संस्था “इंडिया रेटिंग एंड रिसर्च” (फिच) द्वारा हर साल विभिन्न संस्थाओं की क्रेडिट रेटिंग की घोषणा की जाती है। पिछले 10 वर्षों की तरह इस वर्ष भी नवी मुंबई मनपा को वर्ष 2024-25 के लिए सर्वश्रेष्ठ क्रेडिट रेटिंग “इंडिया डबल ए प्लस स्टेबल” घोषित की गई है। इस प्रकार, नवी मुंबई देश की एकमात्र मनपा है जिसे लगातार 11 वर्षों तक वित्तीय मजबूती के लिए डबल ए प्लस रेटिंग मिली है।*
नवी मुंबई मनपा, जो देश के अग्रणी रहने योग्य शहरों में से एक है, ने अपने नागरिकों को प्रदान की जाने वाली सेवाओं की गुणवत्ता पर पूरा ध्यान देकर हमेशा एक दूरदर्शी दृष्टिकोण बनाए रखा है। इसने राजस्व संग्रह और व्यय के मामलों पर भी सख्त ध्यान दिया है। मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे आय-व्यय के बीच उचित संतुलन बनाए रखने पर पूरा ध्यान दे रहे हैं और उन्हें मुख्य लेखा एवं वित्त अधिकारी सत्यवान उबाले के नियंत्रण में पूरे लेखा विभाग से उचित सहयोग मिल रहा है। यही कारण है कि इस वर्ष भी यह सर्वश्रेष्ठ वित्तीय क्रेडिट रेटिंग हासिल की गई है। लगातार ऐसी क्रेडिट रेटिंग प्राप्त करना नवी मुंबई के सभी नागरिकों के लिए गर्व की बात है और मनपा आयुक्त डॉ. कैलाश शिंदे ने इस रेटिंग पर संतोष व्यक्त किया है।
पिछले वित्तीय वर्ष में कर संग्रह के अच्छे प्रदर्शन के कारण नवी मुंबई मनपा की वित्तीय स्थिति मजबूत बनी हुई है। इस अवधि के दौरान संपत्ति कर के बकायादारों को राहत देने वाली ‘मालमत्ता कर अभय योजना’ को प्रभावी ढंग से लागू किया गया। इसे नागरिकों से भी अच्छी प्रतिक्रिया मिली। संपत्ति कर विभाग ने अब तक का सबसे अधिक 26 करोड़ से अधिक का कर संग्रह किया। अन्य विभागों ने भी अपना शत-प्रतिशत लक्ष्य पूरा किया। चूंकि विभिन्न करों के माध्यम से प्राप्त निधियों से नागरिक सेवाएं प्रदान की जा रही हैं, इसलिए नवी मुंबई के नागरिकों को बेहतर गुणवत्ता वाली सुविधाएं प्रदान करना संभव हो पाया है। नवी मुंबई मनपा ने स्वच्छ भारत अभियान के अंतर्गत स्वच्छ सर्वेक्षण और मेरी वसुंधरा अभियान में भी अच्छा प्रदर्शन किया है।
महानगरपालिका की वित्तीय योजना पर मनपा आयुक्त द्वारा कड़ी निगरानी रखी जा रही है। कर संग्रह में अच्छा प्रदर्शन और नागरिक सुविधाओं के सही पहलुओं पर ही खर्च करने की उपयुक्त नीति अपनाकर, साथ ही ई-गवर्नेंस के प्रभावी क्रियान्वयन के साथ ई-ऑफिस प्रणाली लागू करके काम में गति के साथ पारदर्शिता लाई गई है। लेखा विभाग के माध्यम से ‘होस्ट टू होस्ट’ प्रणाली के माध्यम से भुगतान और राशि का भुगतान किया जा रहा है और मनपा का कोई भी भुगतान सीधे आपूर्तिकर्ता के बैंक खाते में जमा किया जा रहा है। इससे न केवल काम में पारदर्शिता आई है, बल्कि काम भी कागज रहित और तेज हो गया है।


