
ठाणे ( यूनिस खान ) शहरों के साथ ग्रामीण इलाकों में तेजी फैलता मधुमेह रोग एक गंभीर समस्या बनते जा रही है। इसके रोकथाम के लिए जनजागरण और उपचार, दवा वितरण का कैंप लगाने वाली 15 वर्षों से कार्यरत संस्था डायबिटीज केयर सेंटर के अध्यक्ष व वरिष्ठ समाजसेवी ओमप्रकाश शर्मा ने केंद्रीय स्वास्थ्य मंत्रालय से ठोस उपाय करने और आम आदमी को आवश्यक सुविधा उपलब्ध कराने की माँग की है। मधुमेह से बचाव और उपचार के प्रति जनजागरण के लिए संस्था ने न सिर्फ विशेषज्ञों के सेमिनार आयोजित किए बल्कि 3 भाषाओं में पुस्तकें भी प्रकाशित की हैं। उन्होंने बताया कि मधुमेह पहले शहरी क्षेत्रों में सीमित मानी जाती थी लेकिन अब ग्रामीण इलाके के नागरिकों को भी अपनी जकड़ में जकड़ती जा रही है। जिससे आम आदमी को नियमित दवा खरीदना आसान नहीं है। वैश्विक स्वास्थ्य अनुमान के अनुसार भारत में करीब 10 करोड़ से अधिक लोग मधुमेह से पीड़ित है। इससे देश में होने वाली वयस्क मृत्यु में एक फीसदी हिस्सा मधुमेह पीड़ितों का है। यह सीधे तो जानलेवा नहीं है लेकिन यह हृदय, आँख, किडनी, लकवा और नसों को निष्क्रिय कर सकती है जिससे धीरे धीरे मधुमेह पीड़ित व्यक्ति का जीवन बर्बाद हो जाता है। शर्मा ने कहा कि मधुमेह रोगी खान पान, परहेज और नियमित व्यायाम कर इससे राहत पा सकता है। यह ऐसा रोग है जो पीड़ित का पूरे जीवन का साथी बन जाता है। कहने का तात्पर्ज यह है कि यह ऐसा जीवन साथी बन जाता है,जिसे पकड़ लिया मृत्यु तक उसके साथ ही रहती है।
दुनिया में प्रति 9 सेकंड में एक व्यक्ति की मृत्यु होती है, वयस्कों की होने वाली मृत्यु में 11 मृतकों में 1 की मृत्यु के लिए मधुमेह जिम्मेदार है। वर्ष 2025 तक 13 फीसदी आबादी मधुमेह की चपेट में आ जाएगी। गत 25 वर्षों में मधुमेह के पीड़ितों की संख्या में 3 गुना वृद्धि होने का अनुमान है। पहले यह वरिष्ठ नागरिकों में पाया जाता था अब युवाओं को मधुमेह पीड़ित पाया जा रहा है, जो देश के लिए गंभीर समस्या है। मधुमेह रोगियों के नियमित स्वास्थ्य परीक्षण और दवा, उपचार की सरकार को सुविधा मुहैया कराने की योजना लागू करना चाहिए। जिससे मधुमेह पीड़ित महंगी दवाएं खरीदने से राहत और स्वास्थ्य जिंदगी जीने का अवसर प्राप्त कर सके।


