Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़हलचल

पी.डी. हिन्‍दुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर ने सैण्‍ड आर्ट और वॉल पेंटिंग्‍स से पर्यावरण जागरूकता फैलाई

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] कार्बन उत्‍सर्जन में वृद्धि, समुद्र के स्‍तर में हो रही बढ़ोतरी, वन्‍य जीवन में आ रही गिरावट और सबसे महत्‍वपूर्ण, जलवायु परिवर्तन हमारे पर्याररण और धरती को गंभीर रूप से प्रभावित कर रहे हैं। उत्‍सर्जन और अन्‍य कारक हमारे पर्यावरण को क्षति पहुँचा रहे हैं, इसलिये अब एक बेहतर और सुरक्षित कल के लिये जरूरी उपाय करना पहले से कहीं ज्‍यादा महत्‍वपूर्ण हो गया है। विश्‍व पर्यावरण दिवस 2022 की थीम ‘ओन्‍ली वन अर्थ’ हमें याद दिलाती है कि दांव पर क्‍या लगा है- हमारा एकमात्र ग्रह। इस थीम के अनुसार, पी.डी. हिन्‍दुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर ने एक सैण्‍ड आर्टिस्‍ट के साथ भागीदारी करके विश्‍व पर्यावरण दिवस 2022 मनाया और उसने एक रोचक सैण्‍ड आर्ट बनाया। सैण्‍ड आर्ट का इस्‍तेमाल लोगों को यह याद दिलाने के एक माध्‍यम के तौर पर किया गया कि पर्यावरण को बनाये रखने और सुरक्षित करने की जरूरत बढ़ रही है।

       इसके अलावा, अस्‍पताल के कर्मचारियों के बच्‍चों ने अस्‍पताल के सामने की दीवार पर अपने संदेशों और एक स्‍थायी पर्यावरण तथा सुरक्षित धरती के अपने सपने को चित्रित किया। अस्‍पताल ने रोगियों से इतर अपने परिचालन में इस विश्‍व पर्यावरण दिवस को ‘नो पेपर प्रिंटिंग डे’ के रूप में मनाकर अपने कर्मचारियों को कागज का उपयोग कम करने हेतु प्रोत्‍साहित करने के लिये एक आंतरिक अभियान भी चलाया। 1 टन स्‍टैण्‍डर्ड ऑफिस पेपर बनाने के लिये 24 पेड़ काटे जाते हैं, जबकि 1 टन कागज के पुन:चक्रण से लगभग 682.5 गैलन तेल, 26500 लीटर पानी और 17 पेड़ बचते हैं।

            सुरक्षित पर्यावरण के लिये अस्‍पताल की प्रतिबद्धता पर रोशनी डालते हुए पी.डी. हिन्‍दुजा हॉस्पिटल एंड एमआरसी के सीईओ श्री गौतम खन्‍ना ने कहा, “एक जिम्‍मेदार संस्‍था होने के नाते हम समाज में जागरूकता और संतुलन लाने की दिशा में काम करते हैं। हम प्रकृति की सुरक्षा में योगदान देने और अपना कार्बन फुटप्रिंट कम करने के लिये हमेशा अपनी सर्वश्रेष्‍ठ कोशिश करते हैं। इस साल हमारा लक्ष्‍य आर्ट फॉर्म्‍स से हमारे देश के भविष्‍य, यानि बच्‍चों को जोड़कर जागरूकता फैलाना और पर्यावरण की रक्षा के लिये ज्‍यादा से ज्‍यादा काम जारी रखने के लिये खुद को प्रोत्‍साहित करना है।”

          हमारा पर्यावरण हर साल बड़ी तेजी से नष्‍ट हो रहा है। कुछ दशकों पहले हुईं भविष्‍यवाणियाँ अब हमारी असलियत बन चुकी हैं। समय आ गया है कि हम इस प्रभाव को समझें और अपने ग्रह के लिये एकजुट हों और कार्बन न्‍यूट्रलिटी के लिये जरूरी बदलाव करें, ताकि कल के जीवन की संभावना बनी रहे।

पी.डी हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर के विषय में:

पी.डी. हिंदुजा हॉस्पिटल एंड मेडिकल रिसर्च सेंटर, हिंदुजा समूह का हिस्सा है। 1951 में इसकी शुरुआत बतौर क्लीनिक की गई थी और आज देश में प्रमुख मल्टी-स्पेश्यिलिटी टर्शियरी केयर अस्पतालों में इसकी गिनती की जाती है। सात दशक से भी ज्यादा समय से इस संस्थान ने हर किसी को विश्व-स्तरीय स्वास्थ्य सेवा सुनिश्चित करने के लिये काम किया है। वर्तमान में इसके दो यूनिट हैं एक माहिम में 400 बिस्तरों और दूसरा खार में 100 बिस्तरों के साथ। दोनों ही यूनिट अत्याधुनिक सुविधाओं और राष्ट्रीय तथा अंतराष्ट्रीय स्तर पर नामचीन हैं।

संबंधित पोस्ट

जल्द ही स्मार्ट ई-बसें एसटी बेड़े में शामिल होंगी – प्रताप सरनाईक 

Aman Samachar

सत्ता के करीब पहुंचकर सत्ता से दूर होती कांग्रेस को आत्ममंथन की आवश्यकता 

Aman Samachar

एयू स्मॉल फाइनेंस बैंक का शॉपिंग धमाका; आकर्षक डिस्काउंट के साथ आईफोन 14 जीतने का मौका

Aman Samachar

रैपिपे फिनटेक ने मुंबई में क्षेत्रीय कार्यालय खोला, बड़े पैमाने पर नियुक्तियां करने की योजना

Aman Samachar

राजीव गाँधी मेडिकल कालेज के निवासी डाक्टरों की हड़ताल महापौर के हस्तक्षेप से टली 

Aman Samachar

लाक डाउन की समस्या से राहत के लिए आम नागरिकों को मुफ्त राशन व विद्यर्थियों की फी माफ़ कराने की मांग 

Aman Samachar
error: Content is protected !!