
मुंबई ( युनिस खान ) राज्य भर में परिवहन विभाग की 43 भूखंडों में से मुंबई में 4 रणनीतिक भूखंडों पर अवैध रूप से कब्जा कर लिया गया है। इसके अलावा, 15 स्थानों पर परिवहन कार्यालय किराए के परिसर में स्थित हैं। ऐसे में परिवहन विभाग को इन स्थानों को विकसित करने के प्रयास करने चाहिए ताकि भविष्य में शेष स्थान न हड़प लिए जाएं। यह निर्देश परिवहन मंत्री प्रताप सरनाईक ने दिया। वह परिवहन विभाग की समीक्षा बैठक में बोल रहे थे।
उन्होंने आगे कहा कि मोटर परिवहन विभाग से सभी 43 स्थानों की जानकारी अद्यतन की जाए तथा इन स्थानों की वर्तमान स्थिति, स्थान का 7/12, 8-ए तथा अन्य संबंधित दस्तावेज तैयार कर परिवहन आयुक्त कार्यालय में प्रस्तुत किए जाएं। जहां अतिक्रमण हुआ है, उसे हटाने के लिए कानूनी प्रयास किए जाने चाहिए।
झोपड़पट्टी वासियों ने रमाबाई नगर, घाटकोपर, मुंबई में 7 एकड़ भूमि, तथा वडाला, जुहू और अंधेरी में जमीनों पर अवैध रूप से अतिक्रमण कर लिया है। यह दुर्भाग्यपूर्ण है कि परिवहन विभाग ने पिछले कई वर्षों से इस ओर ध्यान नहीं दिया है। इस बैठक में मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिया कि परिवहन विभाग जल्द से जल्द उक्त जमीन पर बाड़ लगाए और उसे विकसित करने की योजना तैयार करे, ताकि भविष्य में इस तरह की जमीन हड़पे जाने की घटनाएं न हों।
उन्होंने कहा कि भविष्य में राजस्व बढ़ाने के लिए इन क्षेत्रों को पीपीपी (सार्वजनिक निजी भागीदारी) आधार पर विकसित करने की योजना बनाई जाएगी। इसमें अगले 50 वर्षों को ध्यान में रखते हुए परिवहन विभाग के लिए आवश्यक कार्यालयों, परीक्षण पथों और अन्य सुविधाओं का निर्माण शामिल होना चाहिए। इस संबंध में मंत्री सरनाईक ने आज परिवहन आयुक्त कार्यालय में मोटर परिवहन विभाग के विभिन्न पदों की वर्तमान स्थिति की समीक्षा की। इस अवसर पर परिवहन आयुक्त विवेक भीमनवार, संयुक्त सचिव राजेंद्र होलकर, अतिरिक्त परिवहन आयुक्त भरत कालस्कर सहित सभी क्षेत्रीय परिवहन अधिकारी उपस्थित थे।
मंत्री प्रताप सरनाईक ने निर्देश दिया कि संबंधित अधिकारी परिवहन विभाग के स्वामित्व वाली भूमि का निरीक्षण करें। इसके लिए विभाग में स्थानों एवं अन्य मामलों की जानकारी एकत्र करने के लिए एक समिति गठित की जाए तथा प्रत्येक स्थान के लिए अलग-अलग सूची तैयार की जाए। साथ ही, इस संबंध में मोटर परिवहन विभाग के पास स्वयं की भूमि के संबंध में व्यापक जानकारी रखने के लिए संपदा अधिकारी एवं विधिक सलाहकार की नियुक्ति की कार्रवाई आगामी 15 दिनों में की जाए। 20 जून तक सभी भूमि दस्तावेजों का सत्यापन एवं प्रमाणीकरण किया जाए ताकि इस भूमि के विकास के संबंध में अंतिम निर्णय लिया जा सके।


