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के एल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटी ने इसरो के अध्‍यक्ष डॉ. के. सीवान को ऑनॉरस कॉज़ा से किया सम्‍मानित 

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] के एल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटी, स्नातक और उच्च शिक्षा के लिए देश के अग्रणी विश्वविद्यालयों में से एक, ने डॉ. के. सीवान, अध्‍यक्ष, इसरो (ISRO), सचिव, अंतरिक्ष विभाग, भारत सरकार, को अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके अनुकरणीय योगदान के लिए ‘डॉक्‍टर ऑफ़ साइंस’ की मानद उपाधि (ऑनॉरस कॉज़ा) प्रदान की है।

           के एल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटीकी ओर से निदेशक अनुसंधान डॉ. के. सरत कुमार ने बंगलुरू में डॉ. के. सीवान को यह मानद उपाधि प्रदान की। डॉ. के. सीवान, जो कि इस समय बंगलुरू स्थित इसरो के मुख्‍यालय में कार्यरत हैं, को व्‍यापक रूप से उद्योग में एक प्रभावशाली आवाज़ माना जाता है। भारत के एरोस्‍पेस इंजीनियरिंग क्षेत्र में एक प्रेरणादायी व्‍यक्तित्‍व के रूप में डॉ. के. सीवान को, अंतरिक्ष प्रौद्योगिकी के क्षेत्र में उनके योगदान के लिए, कई राष्‍ट्रीय तथा अंतर्राष्‍ट्रीय पुरस्‍कारों से सम्‍मानित किया जा चुका है।

          इस अवसर पर टिप्‍पणी करते हुए, केएल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटी के अध्‍यक्ष, इंजीनियर कोनेरू सत्‍यनारायणने कहा, ‘’एक सफल तथा प्रभावशाली लीडर के रूप में डॉ. के. सीवान कइयों के लिए प्रेरणा हैं। इनकी दृढ़ता, सफलता तथा समाज कल्‍याण पर इनका दर्शन हमारे विश्‍वविद्यालय से पूरी तरह से मेल खाता है। केएल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटी के 11वें दीक्षांत समारोह में दिए गए इनके भाषण ने हमारे युवा प्रतिभावान छात्रों में नेतृत्‍व के प्रति दिलचस्‍पी पैदा कर दी और इनके योगदान हमारे छात्रों को सीखने, बढ़ने तथा दक्षता हासिल करने के लिए अभिप्रेरित करते हैं।‘’ 

         केएल डीम्‍ड-टु-बी यूनिवर्सिटी के छात्रों को प्रौद्योगिकी, नेतृत्‍व और नवाचार के क्षेत्र में प्रयास करने हेतु प्रोत्‍साहित किया जाता है। यूनिवर्सिटी अपनी प्रतिभाओं की आवश्‍यकताओं की पूर्ति हेतु अत्‍यंत आधुनिक अनुसंधान सुविधायें उपलब्‍ध कराती है। इनमें अत्‍याधुनिक IoT तथा PEGA अनुसंधान प्रयोगशालायें शामिल हैं।

  केएल डीम्ड (टू बी) यूनिवर्सिटी के बारे में 

         केएल कॉलेज ऑफ इंजीनियरिंग के रूप में 1980 में स्थापित, केएल डीम्ड (टू बी) यूनिवर्सिटी आज 40 वर्षों की शैक्षणिक विरासत लेकर आई है। यह 2009 में डीम्ड विश्वविद्यालय बन गया और वर्ष 2019 में NAAC द्वारा इसे A++ ग्रेड तथा विश्‍वविद्यालय अनुदान आयोग (यूजीसी), मानव संसाधन विकास मंत्रालय, भारत सरकार द्वारा व श्रेणी-1 संस्‍थान के रूप में इसे मान्‍यता दी गई। यह भारत के शीर्ष विश्वविद्यालयों की NIRF 2021 रैंकिंग में 35 वें स्थान पर है। विश्वविद्यालय विजयवाड़ा में 100 एकड़ के विशाल परिसर में स्थित है, और हैदराबाद में एक और विश्व स्तरीय परिसर मौज़ूद है। विश्वविद्यालय 16 देशों में 60+ विदेशी विश्वविद्यालयों के साथ अपने गठजोड़ पर गर्व करता है, जो छात्रों को इंटर्नशिप और विनिमय कार्यक्रमों के माध्यम से अंतर्राष्ट्रीय अनुभव प्रदान करता है। विश्वविद्यालय के बौद्धिक संसाधनों में 1,200+ संकाय सदस्य शामिल हैं, जिनमें से 600+ संकाय सदस्य पीएच.डी. धारक हैं।

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