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ठाणे-बोरीवली सुरंग को जोड़ने वाली सड़क को घोड़बंदर रोड तक भूमिगत बनाया जाए- डॉ. जितेंद्र आव्हाड

ठाणे ( युनिस खान ) विकास का कभी कोई विरोध नहीं करता लेकिन विकास के दौरान असीमित पेड़ों को काटकर धूल का साम्राज्य बनाया जा रहा हो और नागरिकों को उससे फेफड़ों की बीमारियों की आशंका हो तो क्या होगा? अगर शांति के लिए घर खरीदने वालों की नियति कारों का शोर है, तो नागरिकों को मानसिक आघात अवश्य लगेगा। इसलिए हम नागरिकों के साथ मिलकर मांग करते हैं कि ठाणे-बोरीवली सुरंग को जोड़ने वाली सड़क को घोड़बंदर रोड तक भूमिगत बनाया जाए। इसके लिए हम मुख्यमंत्री के साथ एमएमआरडीए से भी लड़ने के लिए तैयार हैं, ऐसा राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी-शरद चंद्र पवार पार्टी के राष्ट्रीय महासचिव और विधायक दल के नेता डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा है।

       हाल ही में मुल्लाबाग के निवासियों ने राज्य सरकार की बहुचर्चित परियोजना ठाणे-बोरीवली अंडरपास के विरोध में सड़कों पर उतरकर विरोध प्रदर्शन किया। एमएमआरडीए ठाणे शहर से बोरीवली 15 मिनट में पहुंचने के लिए संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के नीचे एक अंडरपास का निर्माण कर रहा है। लेकिन अंडरपास बनाने से पहले एमएमआरडीए ने इस क्षेत्र में कई पेड़ों को काट दिया है। निवासियों ने आरोप लगाया था कि इस अंडरपास के काम से धूल प्रदूषण, यातायात भीड़ बढ़ गई है और पुराने पेड़ों को काट दिया गया है। स्थानीय निवासियों द्वारा कॉसमॉस लाउंज क्लब हाउस में एक बैठक आयोजित की गई, जिसमें डॉ. जितेंद्र आव्हाड से उनके संघर्ष का नेतृत्व करने का अनुरोध किया गया। डॉ. जितेंद्र आव्हाड ने कहा कि मानपाड़ा क्षेत्र से सटा मुल्लाबाग इलाका प्रकृति से घिरा हुआ है। एक तरफ संजय गांधी राष्ट्रीय उद्यान के पहाड़ और दूसरी तरफ कई पुराने पेड़ों की हरियाली के कारण, ठाणे के अन्य हिस्सों की तुलना में इस क्षेत्र का वातावरण हमेशा नम रहता है। यहां की प्राकृतिक संपदा को देखकर कई लोगों ने इस इलाके में घर खरीदे। अब वे मानसिक रूप से सदमे में हैं। अगर यहां से रोजाना पचास हजार गाड़ियां गुजरेंगी तो नागरिक बढ़ते प्रदूषण और सांस की समस्याओं को क्यों बर्दाश्त करें? मैं सड़कों पर लड़ने वाला आदमी हूं। अब लोग सड़कों पर हैं। इसलिए परिणाम जल्दी दिखेंगे। इस लिहाज से यह छोटा सवाल है। लेकिन, सरकार को इसे सुलझाने की मानसिकता रखने की जरूरत है। मैं इस लड़ाई को मुख्यमंत्री और उपमुख्यमंत्री तक ले जाऊंगा। मैं आग्रह करूंगा कि इस सड़क को घोड़बंदर रोड तक भूमिगत बनाया जाए।

      इस सुरंग को जोड़ने वाली इस सड़क को मुल्लाबाग से सड़क के जरिए ले जाया जाएगा और यहां एक टोल प्लाजा बनाया जाएगा। इसका खामियाजा यहां के हाउसिंग कॉम्प्लेक्स के नागरिकों को उठाना पड़ेगा। इस सड़क पर काम के कारण यहां से डंपरों द्वारा मिट्टी की ढुलाई की जा रही है और हर दिन सैकड़ों ट्रक इसे ले जाते हैं। इस वजह से नागरिक सड़क पार नहीं कर पा रहे हैं। इस वजह से यातायात, धूल प्रदूषण और यातायात की भीड़ बढ़ गई है। साथ ही पुराने पेड़ों को काटा जा रहा है। इस कारण यहां की ग्रीन बेल्ट नष्ट हो रही है। ठाणे-बोरीवली सुरंग अंडरपास का कोई विरोध नहीं है, लेकिन यह सुरंग मुल्लाबाग पर समाप्त होगी। इसलिए अगला मार्ग भूमिगत होगा। यहां के निवासियों ने डॉ. जितेंद्र आव्हाड के समक्ष अपनी मांग रखी कि यह मार्ग पूरी तरह भूमिगत होना चाहिए। इस अवसर पर उमेश अग्रवाल, नितिन सिंह, पंकज तम्हाणे, पल्लवी शेठ, मधुरेश सिंह, दीपक पांडे, स्टीव थॉमस, विवेक जाव्हारकर, रचना वैद्य आदि ने निवासियों की ओर से अपने तर्क प्रस्तुत किए।

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