
सूची से नाम काटने वाले बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराओ, उन्हें जेल भेजेंगे
ठाणे [ युनिस खान ] ईवीएम मशीन हटाने और बैलेट पेपर से मतदान कराने के लिए हमारा आन्दोलन 10 अक्टोबर से नयी दिल्ली में शुरू हो रहा है .जीतेंगे या मरेंगे , देश नहीं लुटने देंगे , हम लड़ेंगे इस तरह का नारा देते हुए सर्वोच्च न्यायलय के वकील महमूद प्राचा ने लोगों से शाहीन बाग़ की तरह आन्दोलन में शामिल होने का आवाहन किया है .उन्होंने ख़ास कर महिलाओं से आन्दोलन में शामिल होने की अपील करते हुए उन्होंने कहा जिस तरह शाहीन बाग़ का आन्दोलन नरंतर चला उसी तरह यह आन्दोलन चलता रहेगा .
सर्वोच्च न्यायालय वकील प्राचा ने कहा कि ईएवीएम हटाने और बैलेट पेपर हटाने के लिए आप सब प्रतिदिन 5 मिनट का समय दीजिए. जिला चुनाव कार्यलय के समक्ष निरंतर आन्दोलन करो. आन्दोलन में मुस्लिम समाज को सबसे आगे रहना चाहिए इसके लिए सर्व समाज साथ आएगा. उन्होंने कहा कि बैलेट पेपर से चुनाव सबसे भरोसेमंद है हमें ईवीएम नहीं चाहिए .चुनाव आयोग ने झूठ बोला की ईवीएम मशीन की विडिओ ग्राफी होगी. लाखों मशीनों में एक की शुरू से अंत तक विडिओ ग्राफी करालें,हम धोखाधड़ी नहीं होने देंगे चोरी पकड़ जायेगी .वोटर लिस्ट में नाम नहीं तो आप नागरिक नहीं हैं तो सभी अधिकार समाप्त पहले नागरिकता मिलती है फिर मताधिकार मिलता है .महमूद प्राचा ने कहा कि बगैर किसे कागज के चुनाव अधिकारी की जिम्मेदारी है की वह लोगों को ढूंढकर उनके नाम सूचि में दर्ज करे प्रमाण व्यक्ति के पाद नहीं सरकार के पास होता है . उन्होंने कहा कि कोई फार्म नहीं भरना है बीएलओ के खिलाफ एफआईआर दर्ज कराओ.नाम काटने वालों को जेल भेजना है. बताया जा रहा है कि पहले भी एसआईआर हुआ है , यह झूट है इस तरह का एस आई आर कभी नहीं हुआ है
मुंब्रा कौसा नूरबाग सभागृह में आयोजित कार्यक्रम में वकील प्राचा ने कहा कि भारत दुनिया का सबसे खुशहाल और ताकतवर देश है . मुसलमानों को गद्दार कहकर उन्हें पीछे रखने की कोशिस की जाती है. देश को सबसे ताकतवर बनाने का मुद्दा है. मुस्लिम लोग विदेशों में कामकर बहुत बड़ी विदेशी मुद्रा लाते है जिससे देश की आर्थिक स्थिति मजबूत है.नेता आरएसएस से मिलकर साजिस न करें तो मुस्लिम समाज दुनिया के ताकतवर देश में भारत को तीसरे क्रमांक का सबसे ताकतवर देश बना सकता है . उन्होंने कहा कि आसम में एनआरसी में जो नाम काटे गए क्या वे सब मुस्लिम थे, बड़ी संख्या में गैर मुस्लिमों के नाम कटे गए.एसआईआर में दिल्ली के आधे वोटर का नाम कट रहा है वे सभी मुस्लिम नहीं है.


