
क्लस्टर’ में 6 हजार परिवारों को मिलेंगे पक्के घर
ठाणे ( यूनिस खान ) अगले 15 से 20 सालों में मुंबई-एमएमआर में 30 लाख घर बनेंगे। उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने आज सिद्धेश्वर नगर में क्लस्टर योजना के भूमिपूजन समारोह में यह घोषणा किया है। उन्होंने कहा कि सरकार की पॉलिसी मुंबई ठाणे के साथ-साथ मीरा-भायंदर, भिवंडी, कल्याण-डोंबिवली, उल्हासनगर और दूसरे शहरों में क्लस्टर को बढ़ावा देना है। उन्होंने कहा कि यूनिफाइड डीसीपीआर में हुए बदलावों ने क्लस्टर और एसआरए प्रोजेक्ट्स को रफ्तार दी है। वे ठाणे मनपा के सिद्धेश्वर नगर और रमाबाई नगर क्लस्टर स्कीम्स के भूमिपूजन समारोह में बोल रहे थे।
उन्होंने ठाणे में 6,000 परिवारों को सुरक्षित, अच्छे घर, 23 नागरिक सुविधाएं, रोज़गार के मौके और प्लान की गई टाउनशिप देकर एक नए ठाणे की नींव रखने का अपना पक्का इरादा जताया। करीब 20 हेक्टेयर (50 एकड़) एरिया में बनने वाले इस क्लस्टर में कई सुविधाएं होंगी। इसमें चौड़ी सड़कें, भरपूर पानी, सीवेज सिस्टम, वेस्ट मैनेजमेंट, गार्डन, मैदान, कम्युनिटी हॉल, जिम, योगा सेंटर, इनडोर गेम्स, डिजिटल लाइब्रेरी, डे-केयर सेंटर, सीनियर सिटिजन रिक्रिएशन सेंटर, प्राइमरी हेल्थ सेंटर, महिला सशक्तिकरण सेंटर और स्मार्ट स्ट्रीट लाइटिंग जैसी सुविधाएं देने का प्लान है। शिंदे ने कहा कि यह डेवलपमेंट ‘शहर के अंदर शहर’ के कॉन्सेप्ट के ज़रिए किया जाएगा।
ठाणे में खतरनाक बिल्डिंग्स के हादसों का ज़िक्र करते हुए शिंदे ने कहा कि क्लस्टर का यह सफ़र 20 साल के संघर्ष के बाद आया है। किसन नगर में साईराज बिल्डिंग हादसे समेत कई हादसों के बाद, उन्होंने खतरनाक बिल्डिंग्स के मुद्दे पर भूख हड़ताल, मार्च और लेजिस्लेटिव असेंबली में लगातार आवाज़ उठाई। उन्होंने बताया कि अर्बन डेवलपमेंट मिनिस्टर और चीफ मिनिस्टर के तौर पर उन्होंने पॉलिसी की रुकावटों को दूर करके क्लस्टर को हकीकत बनाया है। उन्होंने यह भी कहा कि किसन नगर में काम का पहला फेज़ पूरा होने वाला है और जल्द ही लोगों को घरों की चाबियां दे दी जाएंगी। शिंदे ने क्लस्टर में रेजिडेंशियल कंस्ट्रक्शन के साथ-साथ कमर्शियल डेवलपमेंट और लोकल रोज़गार पैदा करने पर ज़ोर दिया। उन्होंने उम्मीद जताई कि लोकल युवाओं को ‘वॉक टू वर्क’ कॉन्सेप्ट से रोज़गार मिलेगा, यानी “घर से निकलकर पास के काम पर जाना।” उन्होंने यह भी कहा कि सिद्धेश्वर तालाब एरिया को रीडेवलपमेंट के साथ साफ और सुंदर बनाया जाएगा, ताकि तालाब को राहत मिले।
लोगों की मांगों के बारे में, उन्होंने इशारा किया कि वे कॉर्पस फंड, सस्ते रेट पर 100 स्क्वेयर फीट और जगह देने और छोटे दुकानदारों के रिहैबिलिटेशन पर विचार करेंगे। उन्होंने डेवलपर्स को साफ तौर पर कहा, “अगर आपको दो पैसे कम प्रॉफिट भी होता है, तो भी ठीक है; लोगों के घरों की क्वालिटी कम मत करो। उन्हें सरकार और मनपा से ज़रूरी मदद का भरोसा दिलाया। उन्होंने कहा कि मेट्रो, इंटरनल मेट्रो, कोस्टल रोड और ठाणे-बोरीवली टनल जैसे प्रोजेक्ट ठाणे के इंफ्रास्ट्रक्चर को एक नई दिशा देंगे। उन्होंने उम्मीद जताई कि क्लस्टर की बिल्डिंग भी क्वालिटी वाली और खास होनी चाहिए। उन्होंने यह भी कहा कि आइकॉनिक बिल्डिंग के लिए इंसेंटिव एफएसआई का प्रोविज़न है। शिंदे ने मैसेज दिया कि “एक क्लस्टर सिर्फ एक घर नहीं है; अच्छा घर, अच्छी सुविधाएं, रोज़गार और बदला हुआ जीवन स्तर।” उन्होंने हरिवंश राय बच्चन की लाइनें ‘कोशिश करने वालों की कभी हार नहीं होती’ कोट कीं। आखिर में, उन्होंने एक छोटा सा सुझाव भी दिया कि डेवलपर्स को न सिर्फ लोगों को समय पर घर देने चाहिए, बल्कि उन्हें अच्छी सुविधाओं के साथ एक बड़ा टीवी भी गिफ्ट में देना चाहिए।
पूर्व मंत्री और विधायक जितेंद्र आव्हाड, सांसद नरेश म्हस्के, एमएलसी निरंजन डावखरे, एमएलसी रवींद्र फाटक, महापौर शर्मिला पिंपोलकर, उपमहापौर कृष्णा पाटिल, ठाणे मनपा सौरभ राव, जिलाधिकारी श्रीकृष्ण पांचाल, डॉ. माधव कुसेकर, प्रशांत रोडे, सभागृह नेता हनुमान जगदाले, विपक्ष के नेता अशरफ शानू पठान, नगर सेवक नारायण पवार, राम रेपाले, राजेश मोरे, पवन कदम, संजय वाघुले आदि के साथ बड़ी संख्या में नागरिक मौजूद थे।


