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मानसूनी बीमारियों से निपटने के लिए ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था सुसज्ज 

ठाणे [ युनिस खान ] जिले की ग्रामीण स्वास्थ्य व्यवस्था आने वाले मानसून का सामना करने के लिए तैयार है। फैलने वाले रोगों पर किए जाने वाले उपायों के लिए स्वास्थ्य विभाग द्वारा जिला, तालुका और प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर एक आकस्मिक नियंत्रण कक्ष और बाढ़ राहत दल का गठन किया गया है।  जिला स्वास्थ्य अधिकारी डा गंगाधर परगे ने बताया कि जिले के हर स्वास्थ्य संस्थान को आवश्यक दवाएं और सांप के काटने के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।
            जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर एवं जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा भाउसाहेब दांगडे के मार्गदर्शन में जिला स्वास्थ्य व्यवस्था अलर्ट मोड पर काम कर रही है।  जिला स्तर पर तीन उड़नदस्ते बनाए गए हैं और वे चौबीसों घंटे काम कर रहे हैं। जिले में तीन विशेषज्ञ डॉक्टरों की रैपिड रिस्पांस टीम काम कर रही है और यहां स्वास्थ्य विभाग में एक साथी कंट्रोल रूम काम कर रहा है।  यह प्रकोष्ठ तालुका, प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर भी कार्य कर रहा है।
            समूह विकास अधिकारियों, तालुका चिकित्सा अधिकारियों, तालुका पर्यवेक्षकों और स्वास्थ्य कार्यकर्ताओं सहित तालुका स्तर पर उड़न दस्तों का गठन किया गया है।  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर चिकित्सा अधिकारियों और स्वास्थ्य कर्मियों के साथ 24 घंटे प्रकोष्ठ स्थापित किया गया है। प्रत्येक स्वास्थ्य संस्थान द्वारा आवश्यक दवाओं के साथ सर्पदंश के इंजेक्शन उपलब्ध कराए गए हैं।  साथ ही जिला स्तर पर दवाओं का अतिरिक्त स्टॉक भी उपलब्ध करा दिया गया है।
          आशा सेविका और आंगनबाडी सेविका को भारी बारिश के कारण सड़क कटे हुए गांवों में प्राथमिक उपचार के लिए दवाएं दी गई हैं। जिला स्वास्थ्य अधिकारियों ने बताया कि मानसून की शुरुआत से पहले आवश्यक 21 दवाओं की सूची सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भेज दी गई है और तीन महीने के लिए पर्याप्त दवाएं रखने के निर्देश दिए गए हैं।
          डा परगे ने बताया है कि सभी प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों, प्राथमिक स्वास्थ्य टीमों और क्लीनिकों को ग्रामीण क्षेत्रों में संभावित आपातकालीन बाढ़ के कारण संक्रामक रोगों के संभावित प्रकोप के खिलाफ निवारक उपाय करने की सलाह दी गई है। गांव में दावंडी देकर पीने के पानी को उबालकर छानकर पीने के पानी को नियमित ब्लीचिंग पाउडर से शुद्ध किया जाता है या नहीं इसकी जांच के लिए ओटी का प्रयोग किया जाता है। परीक्षण नियमित रूप से करने की सलाह दी जाती है।  प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र स्तर पर आपातकालीन कक्ष बनाया गया है और मेडिकल टीम को प्राथमिक चिकित्सा किट और दवा किट तैयार करने का निर्देश दिया गया है।

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