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वॉकहार्ट अस्पताल मुंबई सेंट्रल मे 3 महिनें दर्द से जुझ रही बॉक्सर मेघना काटे को मिली पीडा से मुक्ती

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] मेघना काटे (28 वर्ष) राष्ट्रीय स्तर की मुक्केबाज हैं। बाएं हाथ की कलाई में चोट लगने के कारण उन्हें वॉकहार्ट अस्पताल में भर्ती कराया गया था। करीब 3 महीने पहले उन्होने गुस्से में दीवार पर मुक्का मार दिया, जिससे उनकी बाईं कलाई में चोट लग गई थी। मेघना इनकी चोटिल कलाई की एमआरआई (मैग्नेटिक रेजोनेंस इमेजिंग) की गई तो देखा गया कि मेघना को लगी चोट दुर्लभ है और कलाई का जोड़ क्षतिग्रस्त हो गया है। चोटील होने के बाद, मेघना ने अगले 3 महीने दर्द निवारक दवाओं, फिजियोथेरेपी और प्लास्टर की मदद से दर्द को दूर करने की कोशिश की।  इन तीन महीनों में मेघना दरवाजा खोलना, कपड़े, बर्तन या चेहरा धोना, खाना बनाना जैसे काम भी नहीं कर पाती थी। मेघना इलाज के लिए कुछ अस्पतालों में गई थीं, लेकिन वहां के इलाज से उन्हें खास राहत नहीं मिली। जिसके चलते उन्होंने मुंबई सेंट्रल स्थित वॉकहार्ट अस्पताल जाने का फैसला किया।

           मेघना का इलाज वॉकहार्ट अस्पताल के डॉ. मोहित कुकरेजा ने किया। कुकरेजा वॉकहार्ट अस्पताल में एक सलाहकार आर्थोपेडिक सर्जन और स्पोर्ट्स मेडिसिन और आर्थ्रोस्कोपी के विशेषज्ञ हैं। कुकरेजा ने मेघना को चोट के बारे में बताते हुए कहा कि , ” मेघना काटे, एक मुक्केबाज है जो कलाई में दुर्लभ चोट के साथ मेरे पास आई थी।  उन्हें 3 महीने पहले अपनी बाईं कलाई में चोट लग गई थी, जिससे उन्हें कलाई में बहुत दर्द सहना पड रहा था। तत्काल समाधान के रूप में, हमने उनकी कलाई की सर्जरी करने का निर्णय लिया। जहां मेघना की कलाई का जोड़ घायल हुआ था, उस जगह के पास ऑस्टियोटॉमी (हड्डी का एक छोटा टुकड़ा काटना) की गई थी। सर्जरी के बाद पहले दिन से ही मेघना अपनी कलाई को काफी हद तक पहले जैसे इस्तमाल करने मे सक्षम हुई थी। हमारा लक्ष्य अब मेघना से कसरत करवा कर उनकी कलाइ को मजबूत करना है, ताकि वह अगले 4-6 महीनों में फिर से लड़ने के लिए तैयार हो सके।

          डॉ. प्रशांत कांबले मुंबई सेंट्रल के वॉकहार्ट अस्पताल में हाथ और कलाई के सर्जन हैं। मेघना को दिए गए इलाज के बारे में बात करते हुए उन्होंने कहा, ““मेघना की सर्जरी के दौरान, उसके कलाई के जोड़ के स्नायुबंधन को स्थिर कर, ओस्टियोटॉमी (हड्डी का एक छोटा टुकड़ा काटना) किया गया था। सर्जरी के 8 घंटे बाद ही मेघना कलाई से कोहनी तक हिलाने में सक्षम हो गई। लगभग 3 महीने के बाद मेघना अपनी कलाई को इतनी आसानी से और बिना दर्द के नहीं हिला पा रही थी। वर्तमान में, मेघना फिजियोथेरेपी से गुजर रही है और तेजी से ठीक हो रही है।”

          मेघना काटे ने कहा, “एक मुक्केबाज होने के नाते अपनी कलाई को न हिला पाना मेरे लिए चिंता का विषय बन गया था। कलाई को बिल्कुल भी नहीं हिलाया जा सकता था।  मैं अपनी कलाई बिल्कुल नहीं हिला नही पा रही थी।  मैं उन कामों को भी नहीं कर पाती थी जो मैं रोज आसानी से कर लेती थी। मेरा ढाई साल का बच्चा है और चोट के कारण मैं उसकी देखभाल  नही कर पा रही थी। 3 महीने तक हम विभिन्न डॉक्टरों के पास गए, इस उम्मीद में कि मुझे दर्द से राहत मिल जाएगी। हमारे एक रिश्तेदार ने हमें डॉ. मोहित कुकरेजा के पास जाने की सलाह दी थी। उनसे मिलने के बाद मेरी चोट का सही निदान हुआ और हमने सर्जरी करने का फैसला किया। सर्जरी के दिन से, मैं अपनी कलाई को हिलाने में सक्षम हो गई थी और मेरा 90 प्रतिशत दर्द चला गया था। मैं इस चोट से उबरने और फिर से लड़ने के लिए तैयार होने की पूरी कोशिश कर रही हूं।

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