
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे शहर की सांस्कृतिक और धार्मिक शान में खास जगह रखने वाले टेम्भी नाका में नवरात्रि त्योहार की तैयारियां आखिरी स्टेज पर पहुंच गई हैं, और इस साल भी लाखों भक्त ‘आई दुर्गेश्वरी’ के दर्शन के लिए टेम्भी नाका का रुख करेंगे। धर्मवीर आनंद दिघे द्वारा शुरू किया गया यह त्योहार शिवसेना के मुख्य नेता और उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे के मार्गदर्शन में बड़ी श्रद्धा के साथ मनाया जा रहा है। आस्था, भक्ति, सामाजिक सद्भाव और सांस्कृतिक परंपरा का खूबसूरत संगम यह त्योहार इस साल खास महत्व रखता है। 1978 में शुरू हुआ यह नवरात्रि उत्सव 48 साल का सफ़र पूरा कर चुका है, और समय में बदलाव के बावजूद, टेंभी नाका में देवी के प्रति भक्तों की भक्ति वैसी ही है, यह बात ठाणे लोकसभा सांसद नरेश म्हस्के ने आज एक प्रेस कॉन्फ्रेंस में कही।
प्रेस कॉन्फ्रेंस में महापौर शर्मिला पिंपलोलकर, ग्रुप लीडर पवन कदम, ट्रस्ट प्रेसिडेंट उत्तम सोलंकी, नगर सेवक सुधीर कोकाटे, हेमंत पवार, कमलेश चव्हाण, पूजा वाघ आदि प्रमुख लोग मौजूद थे। हर साल, टेंभी नाका में श्री जय अम्बे माँ पब्लिक चैरिटेबल ट्रस्ट द्वारा नवरात्रि उत्सव बड़ी श्रद्धा और उत्साह के साथ मनाया जाता है। यह उत्सव सिर्फ़ ठाणे शहर तक ही सीमित नहीं है, बल्कि मुंबई, नवी मुंबई और महाराष्ट्र के साथ-साथ देश के अलग-अलग हिस्सों से भी भक्त आते हैं। नवरात्रि उत्सव के दौरान, टेंभी नाका इलाका सचमुच भक्तिमय माहौल से भर जाता है।
टेंभी नाका नवरात्रि त्योहार का इतिहास स्वर्गीय आनंद दिघे की सामाजिक जागरूकता से जुड़ा है। 1978 में, धर्मवीर आनंद दिघे ने इस सार्वजनिक नवरात्रि त्योहार की शुरुआत की थी। समय के साथ, यह त्योहार और ज़्यादा फैल गया। देवी के दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या बढ़ी है। टेंभी नाका में नवरात्रि त्योहार का सबसे बड़ा आकर्षण ‘आई दुर्गेश्वरी’ की शानदार और सुंदर मूर्ति है। नवरात्रि त्योहार के नौ दिनों में देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भारी भीड़ जमा होती है। बड़ी संख्या में भक्त देवी के दर्शन करके अपनी मनोकामना पूरी होने की प्रार्थना करते हैं। देवी की मूर्ति के पारंपरिक रूप और उसके पीछे की आस्था की वजह से, टेंभी नाका में दुर्गेश्वरी भक्तों की आध्यात्मिक दुनिया का एक अहम हिस्सा बन गई है। हर साल नवरात्रि के त्योहार के दौरान देश भर से भक्त देवी के दर्शन के लिए आते हैं।
इस साल के नवरात्रि त्योहार का एक और बड़ा आकर्षण मंडप की शानदार सजावट है। इस साल उत्तराखंड के श्री बद्रीनाथ मंदिर की रेप्लिका बनाई जा रही है, और यह नज़ारा भक्तों के लिए खास आकर्षण का केंद्र होगा। मंदिर की शानदार बनावट और आकर्षक इलेक्ट्रिक लाइटिंग नवरात्रि त्योहार के दौरान पूरे इलाके को एक अलग ही लुक देगी। यह शानदार नज़ारा 71 फीट ऊंचा, 100 फीट चौड़ा और 110 फीट लंबा है। नज़ारे का अंदर का हिस्सा 30 फीट ऊंचा है और देवी का कमरा 40 गुणा 40 फीट का है। बद्रीनाथ मंदिर सीनियर आर्ट डायरेक्टर अमन विधाते के गाइडेंस में बन रहा है।
*नौ दिन भक्तिमय माहौल*
नवरात्रि के नौ दिनों में देवी की अलग-अलग धार्मिक तरीकों से पूजा की जाती है। सुबह से ही देवी के दर्शन के लिए भक्तों की भीड़ जमा होने लगती है। शाम को दर्शन के लिए आने वाले भक्तों की संख्या काफी बढ़ जाती है। इलाके में बिजली की रोशनी, धार्मिक प्रोग्राम और भक्ति गीतों से माहौल और भी भक्तिमय हो जाता है। मंडल प्रेसिडेंट उत्तम चंद सोलंकी, सेक्रेटरी हेमंत पवार, डिप्टी सेक्रेटरी सुधीर कोकाटे, ट्रेजरर कमलेश चव्हाण के गाइडेंस में मंडल के वर्कर, शिव सैनिक, महिला आघाड़ी और युवा सेना के वर्कर फेस्टिवल को सफल बनाने के लिए कड़ी मेहनत कर रहे हैं।


