
ठाणे (यूनिस खान ) शिवसेना (यूबीटी) पदाधिकारी प्रदीप पुरनेकर की हत्या के पीछे किसकी ताकत है, इसका पता चलना चाहिए, लेकिन पुलिस की अब तक की जांच को देखकर यह साफ है कि वे किसी को बचाने की कोशिश कर रहे हैं। मौजूदा एसआईटी सिर्फ एक दिखावा है और ठाणे के बाहर एक आईपीएस ऑफिसर की लीडरशिप में एसआईटी बनाई जानी चाहिए और हत्या की पूरी जांच हाई कोर्ट की निगरानी में होनी चाहिए। महाराष्ट्र प्रदेश कांग्रेस के अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने मांग की है। कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष हर्षवर्धन सपकाल ने आज ठाणे में पुरनेकर के परिवार से मिलकर दुख जताया। मीडिया से बात करते हुए उन्होंने कहा कि पुरनेकर की हत्या की जांच में कोई प्रोग्रेस नहीं हुई है। पुरनेकर परिवार ने सबूत दिए हैं, इस मर्डर के पीछे जिन लोगों का हाथ होने का शक है, उनके नाम बताए हैं, लेकिन उन्हें बचाने की कोशिश की जा रही है। एफआईआर फाइल होने के बाद से यह जांच भटक गई है। अभी की जांच ऊपरी है और मुख्य आरोपियों को छूट दी जा रही है। जो एसआईटी बनाई गई है, वह लोकल पुलिस की है। पुरनेकर परिवार और ठाणेकरों को इस एसआईटी पर भरोसा नहीं है। यह मर्डर बहुत गंभीर है और मर्डर से पहले प्रदीप पुरनेकर ने भी कहा था कि उनकी जान को खतरा है, लेकिन वैसी जांच नहीं हो रही है। सरकार को पुरनेकर परिवार को इंसाफ देना चाहिए।
सपकाल ने यह भी भरोसा जताया कि इस मुश्किल समय में कांग्रेस पार्टी पुरनेकर परिवार के साथ है। इस मौके पर ठाणे जिला कांग्रेस अध्यक्ष राहुल पिंगले, प्रदेश कांग्रेस जनरल सेक्रेटरी श्रीरंग बर्गे, पूर्व जिला अध्यक्ष विक्रांत चव्हाण, कांग्रेस तालुका अध्यक्ष संगीता कोटल, सेवा दल अध्यक्ष रवींद्र कोली समेत कांग्रेस के पदाधिकारी और कार्यकर्ता मौजूद थे।


