
पिछले पांच वर्षों की कर वसूली का ऑडिट कराएं – संजय केळकर
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे शहर में क्लस्टर, एसआरए और पुनर्विकास योजनाओं के बढ़ते दायरे के बीच फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टैक्स रसीदें तैयार करने का कथित रैकेट सक्रिय होने का गंभीर मामला सामने आया है। इस मामले में एक आपराधिक मामला भी दर्ज किया गया है। इसे देखते हुए भाजपा विधायक संजय केळकर ने पिछले पांच वर्षों में हुई कर वसूली का विशेष ऑडिट कराने की मांग की है।
खोपट स्थित भाजपा कार्यालय में आयोजित 141वें ‘जनसेवक का जनसंवाद’ कार्यक्रम में विधायक संजय केळकर ने मीडिया से बातचीत के दौरान यह जानकारी दी। उन्होंने आरोप लगाया कि ठाणे शहर में क्लस्टर, एसआरए और पुनर्विकास परियोजनाओं का लाभ उठाने के लिए कुछ लोग फर्जी दस्तावेजों के आधार पर टैक्स रसीदें तैयार कर रहे हैं। इस पूरे रैकेट में लाखों रुपये के लेन-देन की आशंका जताई गई है।
विधायक केळकर के अनुसार, पांचपाखाडी स्थित एक परियोजना में फर्जी टैक्स रसीद तैयार करने का मामला उजागर हुआ है, जिसके बाद इस संबंध में आपराधिक मामला दर्ज किया गया है। उन्होंने प्रशासन से मांग की कि पिछले पांच वर्षों के दौरान जारी की गई सभी टैक्स रसीदों और कर निर्धारण प्रक्रियाओं की निष्पक्ष जांच एवं ऑडिट कराया जाए, ताकि इस रैकेट में शामिल लोगों का पर्दाफाश हो सके।
एसीबी की कार्रवाई पर भी उठे सवाल
कार्यक्रम में एक सेवानिवृत्त पुलिस अधिकारी ने भ्रष्टाचार निरोधक ब्यूरो (एसीबी) की ओर से की गई कार्रवाई पर सवाल उठाते हुए इसे गलत तरीके से की गई कार्रवाई बताया। इस मामले में उचित स्तर पर फॉलोअप कर सच्चाई सामने लाने का प्रयास करने की बात विधायक केळकर ने कही।
जंजिरा किले पर भगवा ध्वज के लिए ‘मिशन भगवा’
इस दौरान सह्याद्री प्रतिष्ठान की ओर से जंजिरा किले पर स्थायी रूप से भगवा ध्वज फहराने के लिए शुरू किए गए ‘मिशन भगवा’ अभियान की जानकारी भी दी गई।
प्रतिष्ठान की ओर से केंद्रीय पुरातत्व विभाग को हस्ताक्षरों सहित ज्ञापन सौंपे गए हैं। इसके अलावा राज्य के मंत्रियों, जनप्रतिनिधियों और छत्रपति शिवाजी महाराज के वंशजों के पत्र भी अभियान के समर्थन में दिए गए हैं।
विधायक संजय केळकर ने बताया कि इस अभियान के तहत रविवार को सह्याद्री प्रतिष्ठान के संस्थापक श्रमिक गोजमगुंडे के नेतृत्व में जंजिरा किले पर आंदोलन किया गया। उन्होंने स्पष्ट किया कि जंजिरा किले पर भगवा ध्वज फहराने की मांग को लेकर यह अभियान आगे भी जारी रहेगा


