
ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के सरकारी अस्पतालों एवं स्वास्थ्य संस्थानों में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता सुधारने के उद्देश्य से ठाणे जिलाधिकारी कार्यालय के नियोजन भवन में विभागीय ‘स्टार रेटिंग ऑफ हॉस्पिटल’ कार्यशाला का आयोजन किया गया। उपसंचालक स्वास्थ्य सेवा, ठाणे डॉ. कैलास पवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला की अध्यक्षता सार्वजनिक स्वास्थ्य विभाग के प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक (आईएएस) ने की। इस अवसर पर नागरी स्वास्थ्य सेवा (एनयूएचएम) के आयुक्त डॉ. सुनील भोकरे, सहसंचालक डॉ. सुनीता गोल्हाईत तथा ठाणे जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल सहित तीनों जिलों के जिला शल्य चिकित्सक, जिला स्वास्थ्य अधिकारी, सरकारी अस्पतालों के चिकित्सा अधीक्षक एवं अन्य अधिकारी-कर्मचारी उपस्थित थे। कार्यशाला में अस्पतालों की स्टार रेटिंग से जुड़े विभिन्न मानकों और मूल्यांकन प्रक्रिया की विस्तृत जानकारी दी गई। पिछले मूल्यांकन में उल्लेखनीय प्रदर्शन करने वाली स्वास्थ्य संस्थाओं को सम्मानित किया गया। साथ ही आगामी मूल्यांकन में बेहतर प्रदर्शन के लिए आवश्यक सुधार, गुणवत्ता प्रबंधन और मरीजों को उत्कृष्ट स्वास्थ्य सेवाएं उपलब्ध कराने पर मार्गदर्शन किया गया। कार्यशाला के दौरान टीम बिल्डिंग से जुड़े विभिन्न गतिविधियों का भी आयोजन किया गया। इसके माध्यम से ठाणे, पालघर और रायगढ़ जिलों के अधिकारियों एवं कर्मचारियों को अपने अनुभव, अच्छे कार्यों और नवीन उपक्रमों को साझा करने का अवसर मिला। प्रत्येक समूह ने अपने संस्थान में सुधार के लिए कार्ययोजना भी तैयार की। प्रधान सचिव डॉ. निपुण विनायक ने कहा कि टीमवर्क, बेहतर संवाद और आपसी अनुभवों का आदान-प्रदान स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता बढ़ाने के महत्वपूर्ण माध्यम हैं। उन्होंने अधिकारियों एवं कर्मचारियों की समस्याएं सुनकर उनका मार्गदर्शन भी किया।
जिलाधिकारी डॉ. श्रीकृष्ण पांचाल ने ठाणे जिले के सरकारी अस्पतालों के कार्यों की सराहना करते हुए कहा कि डॉ. कैलास पवार के मार्गदर्शन में स्वास्थ्य सेवाओं की गुणवत्ता में लगातार सुधार हो रहा है। उन्होंने भविष्य में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्रों को भी और अधिक मजबूत बनाने का संकल्प व्यक्त किया। उपसंचालक डॉ. कैलास पवार के मार्गदर्शन में आयोजित इस कार्यशाला ने यह संदेश दिया कि स्वास्थ्य सेवाओं में गुणवत्ता एक बार हासिल करने का लक्ष्य नहीं, बल्कि उसे निरंतर बनाए रखने और बेहतर बनाने की प्रक्रिया है। कार्यशाला का संचालन दंत शल्य चिकित्सक डॉ. अर्चना पवार ने किया।


