
अंतरराष्ट्रीय गिरोह का पर्दाफाश,10 आरोपी गिरफ्तार
ठाणे ( यूनिस खान ) पैसों के लालच में अपने ही 20 दिन के नवजात बच्चे को बेचने का सनसनीखेज मामला सामने आया है। इतना ही नहीं, बच्चे की खरीद-फरोख्त का राज खुलने से रोकने के लिए बच्चे की मां और मौसी के साथ मारपीट कर उन्हें दी गई रकम भी लूट ली गई। मामले की गंभीरता को देखते हुए मुंब्रा पुलिस ने महज 24 घंटे के भीतर कार्रवाई करते हुए इस मामले में 10 आरोपियों को गिरफ्तार किया है। पुलिस ने रत्नागिरी से नवजात बच्चे को भी सकुशल बरामद कर लिया है। गिरफ्तार आरोपियों को अदालत ने 10 नवंबर तक पुलिस हिरासत में भेज दिया है।
पुलिस के अनुसार, कलवा के शांतिनगर झोपड़पट्टी इलाके में रहने वाली 19 वर्षीय अनीस रफीक शेख मुंब्रा रेलवे स्टेशन पर भीख मांगकर अपना गुजारा करती थी। उसके पास 20 दिन का नवजात बच्चा था। आरोप है कि रेहान रिजवान शेख ने अनीस पर बच्चे को बेचने का दबाव बनाया। इसके बाद बच्चे का सौदा ढाई लाख रुपये में किया गया। इस सौदे के तहत अनीस को 1 लाख 20 हजार रुपये दिए गए थे। आरोप है कि सौदे का खुलासा न हो, इसलिए आरोपियों ने अनीस और उसकी बहन अल्किशा के साथ तार से मारपीट की और उन्हें दी गई रकम भी छीन ली। इस घटना की जानकारी मिलने के बाद मुंब्रा पुलिस ने 5 नवंबर को मामला दर्ज कर जांच शुरू की। पुलिस ने जांच के लिए पांच टीमें गठित कीं। पूछताछ और तकनीकी जांच के आधार पर मुंब्रा से ज्योति पाटील, रेहान शेख, फरहान शेख, फरीदा सैयद और हुस्ना शेख को गिरफ्तार किया गया। इसके अलावा दिवा से अनिता धोत्रे, कल्याण से सुनीता खैरनार, जालना से होमगार्ड गोपीनाथ धोत्रे, डोंबिवली से प्रतिभा परब और दिवा से शिल्पा साठे को गिरफ्तार किया गया। इस तरह गिरफ्तार आरोपियों की संख्या 10 हो गई।
जांच में पुलिस को पता चला कि बच्चे की खरीद-फरोख्त के बाद उसे मुंब्रा से कल्याण और फिर दिवा के रास्ते रत्नागिरी पहुंचाया गया था। पुलिस की पांच टीमों ने अलग-अलग शहरों में तलाश अभियान चलाकर 20 दिन के मासूम को रत्नागिरी से सकुशल बरामद कर लिया। बच्चे को मुंब्रा लाने के बाद उसकी मेडिकल जांच कराई गई। बाल कल्याण समिति के मार्गदर्शन में उसे डोंबिवली स्थित ‘जननी आशीष संस्था’ में सुरक्षित रखा गया है। बच्चे के भविष्य और देखभाल को लेकर बाल कल्याण समिति आगे निर्णय लेगी। पुलिस आयुक्त आशुतोष डुंबरे, सह पुलिस आयुक्त ज्ञानेश्वर चव्हाण, अपर पुलिस आयुक्त अशोक धुधे, पुलिस उपायुक्त बालासाहेब पाटील तथा सहायक पुलिस आयुक्त संकेत देवळेकर के मार्गदर्शन में वरिष्ठ पुलिस निरीक्षक गणेश जवादवाड, महिला पुलिस निरीक्षक वृषाली पवार, पुलिस निरीक्षक शरद कुंभार, प्रशांत पाटील, सहायक पुलिस निरीक्षक तेजस सावंत, माने और उपनिरीक्षक राम दळवी सहित मुंब्रा पुलिस की टीम ने यह कार्रवाई की।


