Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़महाराष्ट्र

कोविड काल में अपना पति को खोने वाली महिलाओं के पुनर्वास के लिए प्रस्ताव तैयार करें – डा नीलम गोव्हे 

ठाणे [ युनिस खान , 3 जून 2022 ] कोविड काल में असंगठित कामगार व अपना पति को खो चुकी विधवाओं के खेत  दुकानों, मकानों एवं अन्य संपत्तियों को कानूनी सहायता उपलब्ध कराने व शहरी और ग्रामीण क्षेत्रों में विधवाओं के पुनर्वास के लिए अलग-अलग योजनाएं तैयार करने का प्रयास किया जाए।  .इस आशय का निर्देश विधान परिषद् की उप सभापति डा नीलम गोव्हे ने आज टेलीविजन प्रणाली द्वारा आयोजित बैठक में दिया है।
        कोरोना महामारी के दौरान ठाणे जिले के गांवों को कोरोना मुक्त करने के लिए किए गए अभिनव कार्य, असंगठित श्रमिकों के लिए सरकार द्वारा लागू किए गए उपायों को कैसे लागू किया जा रहा है। इसके लिए आयोजित बैठक की अध्यक्षता गोव्हे ने की।  इस अवसर पर जिलाधिकारी राजेश नार्वेकर, निवासी उप जिलाधिकारी सुदाम परदेशी, उप समाहर्ता पुनर्वास  रेवती गायकवाड , जिला महिला एवं बाल विकास अधिकारी महेंद्र गायकवाड़, श्रम उपायुक्त संतोष भोसले , मनपा आयुक्त डा विपिन शर्मा ,जिला परिषद के मुख्य कार्यकारी अधिकारी डा भाऊसाहेब डांगड़े ऑनलाइन उपस्थित थे।
         ठाणे जिला प्रशासन द्वारा कोविड काल में किए गए कार्य को प्रशंसनीय बताते हुए गोव्हे के कहा कि कोविड अभी गया नहीं है। इसलिए ठाणे जिले में टीकाकरण में तेजी लाई जाए।  ग्रामीण क्षेत्रों में साप्ताहिक बाजार के दिनों के साथ-साथ रेलवे स्टेशनों के आसपास शुक्रवार को टीकाकरण शिविर आयोजित किए जाने चाहिए।  तीर्थ, मेलों आदि स्थानों पर भी व्यापक टीकाकरण अभियान चलाया जाना चाहिए।  इस अभियान को प्रचारित करने का प्रयास किया जाना चाहिए।  अक्सर बुजुर्गों को टीकाकरण के लिए केन्द्रों पर ले जाना संभव नहीं होता है।  ऐसे वरिष्ठ नागरिकों के टीकाकरण की विशेष व्यवस्था की जाए।
       कोविड के कारण अपने पति को खोने वाली विधवाओं को कानूनी सहायता दी जानी चाहिए। ग्रामीण क्षेत्रों में कृषि हो या नगरपालिका क्षेत्रों में दुकानें और घर, उनके नाम और उस पर उनका अधिकार अप्रभावित रखने के लिए विशेष प्रयास किए जाने चाहिए।  इसके लिए एक अधिकारी की नियुक्ति की जानी चाहिए। क्या ग्रामीण विधवाओं को बीज निःशुल्क उपलब्ध कराये जा सकते हैं?  शिक्षित विधवाओं को कौशल विकास का प्रशिक्षण देकर रोजगार उपलब्ध कराने का प्रयास किया जाना चाहिए। डा गोव्हे ने यह भी कहा कि जिन घरों में कोविड के कारण लोगों की रोजी-रोटी छिन गई है, वहां बाल विवाह रोकने में भी जिला स्तर पर मदद करनी चाहिए।
       जिलाधिकारी नार्वेकर ने कोविड काल में किए गए कार्यों की जानकारी दी।  कोविड काल की पहली लहर के दौरान जिला प्रशासन और विभिन्न सामाजिक संगठनों ने ठाणे जिले में फंसे मजदूरों के लिए भोजन की व्यवस्था की थी। कम्युनिटी किचन के माध्यम से करीब 1 करोड़ 21 लाख लोगों को भोजन वितरित किया गया।  साथ ही भिवंडी से फंसे नागरिकों को उनके गांव पहुंचाने के लिए पहली ट्रेन रवाना की गई।  इस दौरान ठाणे जिले से करीब 1 लाख 25 हजार मजदूरों को 81 ट्रेनों से गांव जाने की सुविधा दी गई। लगभग 125 एसटी बसों के माध्यम से परदेशी नागरिकों को उनके राज्य की सीमाओं पर छोड़ने की भी व्यवस्था की गई।

संबंधित पोस्ट

पेन अर्बन बैंक के जमाकर्ताओं को न्याय मिलने की संभावना बढ़ी – संजय केलकर 

Aman Samachar

अक्टूबर के अंत तक होगी रिलीज भोजपुरी फिल्म पॉवर ऑफ किन्नर

Aman Samachar

मराठी भाषा दिवस हस्ताक्षर अभियान को नागरिकों का अच्छा समर्थन – कांग्रेस 

Aman Samachar

ठाणे जिला अस्पताल एमएमआर के नागरिकों के लिए वरदान साबित होगा – उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे

Aman Samachar

सूक्ष्म उद्यमों के वित्तपोषण पर सिडबी की तीसरी राष्ट्रीय माइक्रोफाइनेंस कांग्रेस

Aman Samachar

अनधिकृत निर्माण के मुद्दे पर महापौर ने मनपा आयुक्त को पत्र देकर स्पष्टीकरण माँगा

Aman Samachar
error: Content is protected !!