Aman Samachar
ब्रेकिंग न्यूज़
ब्रेकिंग न्यूज़महाराष्ट्र

फेसबुक में लड़कियों को जाल में फंसाने वाले को 5 साल की सज़ा

पीड़ितों को 50 हजार रुपये का जुर्माना भरने का आदेश

ठाणे ( यूनिस खान ) ठाणे डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस कोर्ट ने एक  युवक को सोशल मीडिया का गलत इस्तेमाल करके नाबालिग लड़कियों को अश्लील मैसेज, फोटो और वीडियो भेजे और उन्हें मानसिक रूप से परेशान करने के मामले में 5 साल के कारावास सजा सुनाया है। साथ ही 50 हजार रुपए का जुर्माना भी देना होगा।
      डिस्ट्रिक्ट एंड सेशंस जज डॉ. अनीता नेवसे ने आरोपी मंगेश ईश्वरदास तांबे (उम्र 28, निवासी उत्तन) को इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत 5 साल की सज़ा और 50 हजार रुपये के जुर्माने के साथ-साथ आईपीसी की धारा 354(A) के तहत 3 साल की सज़ा और 10 हजार रुपये के जुर्माने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने जुर्माने की यह रकम पीड़ितों को मुआवजे के तौर पर देने का भी आदेश दिया है। सागरी उत्तन पुलिस स्टेशन की हद में रहने वाले आरोपी मंगेश तांबे ने दिसंबर 2017 से मार्च 2018 के बीच साइबर क्राइम का शातिर प्लान बनाया था। उसने शुरू में फेसबुक पर ‘विद्या’ नाम से एक लड़की की फेक प्रोफाइल बनाई और शिकायतकर्ता को ‘फ्रेंड रिक्वेस्ट’ भेजी। सामने वाली लड़की समझकर शिकायतकर्ता ने रिक्वेस्ट मान ली। लेकिन, चैट के दौरान आरोपी धीरे-धीरे अश्लील फोटो भेजने लगा। शक होने पर जब शिकायतकर्ता ने लाइव वीडियो कॉल किया तो पता चला कि स्क्रीन पर लड़की नहीं बल्कि एक आदमी है। इससे डरी हुई शिकायतकर्ता ने तुरंत उसका नंबर ब्लॉक कर दिया। नंबर ब्लॉक होने से गुस्से में आकर आरोपी मंगेश तांबे ने शिकायतकर्ता के नाम से एक फेक फेसबुक अकाउंट खोल लिया। इस फेक अकाउंट से उसने शिकायत करने वाली लड़की की कज़िन और उसकी नाबालिग दोस्तों को बहुत ही गंदे मैसेज, फोटो और वीडियो भेजने शुरू कर दिए। यहीं नहीं, उसने लड़कियों को धमकाया और उनका सेक्शुअल एक्सप्लॉइट करने की कोशिश की और टेक्नोलॉजी के दम पर उनकी बेइज्जती की। आखिर में, इस हैरेसमेंट से तंग आकर शिकायत करने वाली लड़की सागरी उत्तन पुलिस स्टेशन पहुंची और कंप्लेंट दर्ज कराई। पुलिस ने आरोपी के खिलाफ अश्लील हरकत, पोक्सो और इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट के तहत केस दर्ज किया और उसे गिरफ्तार कर लिया।
          मामले की सुनवाई ठाणे सेशन कोर्ट में हुई। सरकारी पक्ष की तरफ से असिस्टेंट पब्लिक प्रॉसिक्यूटर श्रीमती भामरे-पाटिल ने बहुत असरदार दलील दी। सरकारी पक्ष ने आरोपी का जुर्म साबित करने के लिए 9 अहम गवाहों से पूछताछ की। कोर्ट ने गवाहों के बयान, डिजिटल सबूत और जमा किए गए डॉक्यूमेंट्स को मानते हुए आरोपी को दोषी पाया। पुलिस कांस्टेबल दिलीप सानेर ने इस कोर्ट की कार्रवाई में सरकारी वकीलों की बहुत मदद की। इन्फॉर्मेशन टेक्नोलॉजी एक्ट (सेक्शन 67A) में 5 साल की सज़ा व 50,000 रुपये का जुर्माना और जुर्माना न देने पर 6 महीने की और सज़ा भुगतना पड़ सकता है। आईपीसी सेक्शन 354A – अश्लील हमला में 3 साल की सज़ा और 10,000 रुपये का जुर्माना। पीड़ितों को राहत: कोर्ट ने निर्देश दिया है कि आरोपियों से वसूला गया जुर्माना पीड़ितों को मुआवज़े के तौर पर दिया जाए।

संबंधित पोस्ट

होंडा कार्स इंडिया ने नवंबर 2022 में 7,051 यूनिट्स की घरेलू बिक्री दर्ज की

Aman Samachar

 केंद्र प्रमुख के 50 प्रतिशत पदों को प्रोन्नति से भरने की स्वीकृति – संजय केलकर 

Aman Samachar

जिप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी ने ग्रामीण इलाके की पानी समस्या का लिया जायजा 

Aman Samachar

मनपा ने पांच दिनों में 73 अनाधिकृत निर्माणों के खिलाफ की कार्रवाई 

Aman Samachar

पारंपरिक कृषि में आधुनिकता को जोड़ा जाए- पुष्पा पाटिल

Aman Samachar

भोजपुरी अभिनेता सूरज सम्राट ने हत्यारा की शूटिंग की पूरी,अगली फिल्म सोनभद्र में

Aman Samachar
error: Content is protected !!