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अमृता विश्वविद्यापीठम,टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग्स,२०२२ में विश्व में पचासवें स्थान पर 

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] अमृता विश्वविद्यापीठम ने इम्पैक्ट रैंकिंग्स २०२१ के ८१वें स्थान से उछल कर २०२२ में ४१वें स्थान पर आ पहुंचा है;जोकि यूनिवर्सिटियों की UN के सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स (SDG)में प्रगति के आकलन का एकमात्र वैश्विक सूचक है। कुल रैंकों के अतिरिक्त,अच्छे स्वास्थ्य व तंदुरुस्ती में भी अमृता विश्व भर में ८वें,लैंगिक समानता में भी ८वें,स्वच्छ पानी व सफ़ाई-व्यवस्था में १५वें और उत्तम शिक्षा में भी ३२वें स्थान पर रहा।

         २०२२ की इम्पैक्ट रैंकिंग्स चौथा संस्करण है और कुल रैंकिंग्स में १०६ देशों/प्रदेशों की १४०६ यूनिवर्सिटीज़ शामिल हैं जो गत वर्ष के ९४ क्षेत्रों से १,११७ संस्थानों से बढ़ कर हैं। अमृता विश्व विद्यापीठम के वाईस चांसलर,डॉ पी,वेंकट रंगन ने कहा,”अमृता यूनिवर्सिटी को २०२२ की ‘द इम्पैक्ट रैंकिंग्स’ में विश्व की शिखर की ५० यूनिवर्सिटियों में स्थान प्राप्त हुआ,इसका हमें हर्ष है। अमृता यूनिवर्सिटी में,हमारा ध्यान दोनों लक्ष्यों पर रहता है-जीवन हेतु शिक्षा और करुणा से प्रेरित अनुसन्धान कार्य! हमें ख़ुशी है कि हमारी दूरदर्शिता से इस वर्ष अमृता विश्व विद्यापीठम का रैंक बढ़ कर ४१वां हो गया है। हमारे छात्रों और प्राध्यापकों के ज़बरदस्त प्रयासों के बिना यह संभव न होता!

       माता अमृतानन्दमयी की दूरदर्शिता के मार्गदर्शन में,अमृता यूनिवर्सिटी में समाज के आर्थिक रूप से पिछड़े और कमज़ोर वर्गों के उत्थान हेतु,शोधकार्य पर ध्यान देने की पुरानी परंपरा सी रही है। इसमें शामिल हैं अमृता लिव-इन-लैब्स का एक क्रेडिट-बेस्ड प्रोग्राम,जिसके अंतर्गत छात्र और अध्यापक दोनों भारत के गाँवों में जा कर,वहां के लोगों की ज़रूरतों की जांच-पड़ताल करते हैं और फिर UN सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स के साथ मिल कर साध्य उपायों को विकसित कर,उन्हें कार्यान्वित करते हैं। यूनिवर्सिटी में दो UNESCO चेयर्स हैं-एक लैंगिक समानता तथा नारी-सशक्तीकरण के लिए और दूसरी सस्टेनेबल डेवलपमेंट हेतु। यहाँ NIRF द्वारा छठा स्थान प्राप्त टीचिंग हॉस्पिटल है,जहाँ गरीबों तक धर्मार्थ सुविधाएँ पहुँचाने के लिए बड़े पैमाने पर कार्य किया गया है।

         डॉ मनीषा रमेश,प्रोवोस्ट,जो लिव-इन-लैब्स के स्कूल फॉर सस्टेनेबल डेवलपमेंट की अध्यक्षा हैं,ने कहा,”भारत के २१ राज्यों में चल रही १५० से अधिक परियोजनाओं के अंतर्गत,अमृता लिव-इन-लैब्स के सहभागियों ने पिछले कुछ वर्षों में लगभग ६०,००० ग्रामीणों के जीवन को प्रभावित किया है और २ लाख से अधिक घंटे ग्रामीण क्षेत्रों में सस्टेनेबल डेवलपमेंट की सेवा में अर्पित करके SDG3 (आरोग्य) और SDG5 (लैंगिक समानता) की ओर सीधे-सीधे योगदान दिया है।”

        इम्पैक्ट रैंकिंग्स में UN के ११७ सस्टेनेबल डेवलपमेंट गोल्स इन चार मुख्य क्षेत्रों पर आधारित हैं:शोधकार्य,स्टीवर्डशिप,आउटरीच और शिक्षण। वेस्टर्न सिडनी यूनिवर्सिटी,टाइम्स हायर एजुकेशन इम्पैक्ट रैंकिंग्स के चौथे संस्करण में पहले स्थान पर है और उसके बाद आती है यू एस की एरिज़ोना स्टेट यूनिवर्सिटी और फिर कैनेडा की वेस्टर्न यूनिवर्सिटी।

        कुल मिला कर,अधिकतर UK की यूनिवर्सिटियों(२०) को प्रथम सौ में स्थान प्राप्त है। ऑस्ट्रेलिया की १७,कैनेडा की १६ और न्यू-ज़ीलैण्ड की सात को। इस वर्ष भारत की ६१ यूनिवर्सिटियों ने भाग लिया और इस प्रकार २०२२ की इम्पैक्ट रैंकिंग्स में चौथा-उत्कृष्टतम प्रतिनिधि देश रहा और भारत की ८ यूनिवर्सिटियाँ विश्व की श्रेष्ठतम ३०० की लिस्ट में प्रवेश कर गईं।

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