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81.4% छात्र फिर से स्कूल जाने में करते हैं सुरक्षित महसूस 

70 फीसदी से अधिक छात्रों को आज भी है डिजिटल लर्निंग पर भरोसाब्रेनली के सर्वेक्षण के नतीजे

मुंबई [ अमन न्युज नेटवर्क ] पिछले 2 सालों से घर पर रहकर सीखने, लर्निंग के हाइब्रिड तरीकों का उपयोग करने तथा सामाजिक रूप से दूर रहते हुए पढ़ाई करने के बाद, अब छात्र कक्षाओं में वापस लौट रहे हैं। तमाम बाधाओं के बावजूद, महामारी के दौर में भारत में छात्रों के लिए पढ़ाई की एक नई व्यवस्था की शुरुआत हुई, और यह व्यवस्था आगे चलकर खुद को मजबूत करने के लिए पूरी तरह तैयार है। भारत के सबसे प्रमुख ऑनलाइन लर्निंग प्लेटफॉर्म, ब्रेनली ने मिडिल और हाई स्कूल के छात्रों के साथ एक सर्वेक्षण किया, ताकि पारंपरिक तौर पर कक्षा में पढ़ाई की फिर से शुरुआत करने के बारे में आमतौर पर भारतीय छात्रों की भावना को समझा जा सके, साथ ही पता लगाया जा सके कि यह उनके लिए क्या मायने रखता है।

          हाल के दिनों में महामारी के मामलों में बढ़ोतरी के बावजूद, लगभग 81.4% छात्रों ने बताया कि वे फिर से स्कूल जाने में सुरक्षित महसूस करते हैं। 67% छात्रों ने कक्षा में लौटने पर जबरदस्त उत्साह का प्रदर्शन किया, वहीं लगभग 56.4% छात्र अपने दोस्तों और शिक्षकों से मिलने की संभावना से खुश नज़र आए। लेकिन इस बात को नकारा नहीं जा सकता है कि मौजूदा दौर में ऑनलाइन लर्निंग सभी के लिए एक सच्चाई बन चुकी है, और महामारी के दौरान सामने आने वाले शिक्षा के नए मॉडल आगे भी मौजूद रहेंगे।

         सर्वे के नतीजों के बारे में अपने विचार व्यक्त करते हुए, श्री नरसिम्हा जयकुमार, मैनेजिंग डायरेक्टर, इंडिया, ब्रेनली, ने कहा: लगभग दो सालों तक स्कूलों के बंद रहने के बाद अब छात्र अपनी कक्षाओं में वापस लौट रहे हैंजो सचमुच बड़े परिवर्तन का दौर है। महामारी के दौरान भारत की शिक्षा व्यवस्था में बड़ा बदलाव आया हैऔर निश्चित तौर पर भारतीय छात्रों के सीखने के तरीके भी बदल गए हैं।स्कूलों का संचालन पहले की तरह शुरू हो चुका हैलेकिन पूरी दृढ़ता के साथ अकादमिक शिक्षा प्रदान करना और छात्रों को प्रोत्साहित करना असली चुनौती है। इसी बात को ध्यान में रखते हुएब्रेनली ने छात्रों से बातचीत करने और बदलते हालात के बारे में उनकी भावनाओं को समझने का फैसला किया। हमारे शोध के नतीजे बताते हैं किज्यादातर छात्र सामाजिक मेलजोल के लिए वापस स्कूल जाना पसंद कर रहे हैं। इससे यह भी साबित होता है कि टेक्नोलॉजी कभी भी दोस्ती और सामाजिक मेलजोल की जगह नहीं ले सकती है।

       फिर से स्कूल जाने के बारे में सामान्य तौर पर छात्रों की भावना को जानने के अलावा, ब्रेनली के सर्वेक्षण के नतीजे से पता चला कि 27.1% छात्रों ने गणित को अपना सबसे पसंदीदा विषय चुना, जबकि 39.3% ने इसे सबसे कठिन विषय बताया। अंग्रेजी छात्रों का दूसरा सबसे पसंदीदा विषय रहा जिसे 26.7% वोट मिले, जबकि इसके बाद 24.3% वोट के साथ विज्ञान तीसरे स्थान पर रहा।

      भारतीय छात्रों को कक्षा में आयोजित होने वाली गतिविधियाँ सबसे ज्यादा पसंद हैं, और सर्वे में शामिल 36.5% ने कहा कि उन्हें प्रेजेंटेशन देना अच्छा लगता है, जबकि 23.4% ने वाद-विवाद के पक्ष में बात की। छात्रों के बीच एक्स्ट्रा-करिकुलर एक्टिविटी के लिए उत्साह में बढ़ोतरी नज़र आई और 57.1% छात्रों ने इसमें अपनी दिलचस्पी दिखाई, जबकि 49% छात्रों ने स्पोर्ट्स को पसंदीदा गतिविधि के रूप में चुना।

      पढ़ाई लिखाई में टेक्नोलॉजी के बढ़ते उपयोग पर चर्चा करते हुए, सर्वेक्षण में शामिल 73.6% छात्रों ने इस बात को माना कि वे होमवर्क बनाने के लिए ऑनलाइन प्लेटफॉर्म की मदद लेते हैं,

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