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प्रैक्टिकली ने भारत और अंतर्राष्ट्रीय बाजारों में तेजी से प्रगति व आक्रामक तरीके से की विस्तार की तैयारी

मुंबई [ अमन न्यूज नेटवर्क ] कक्षा 6-12 के छात्रों को सीखने का बेमिसाल अनुभव प्रदान करने के लिए तैयार किए गए भारत के पहले एक्स्पेरिएन्शियल लर्निंग ऐप, प्रैक्टिकली ने अपने दमदार एवं इनोवेटिव ई-लर्निंग प्रोडक्ट की मदद से जनवरी से मई 2022 के दौरान ए.आर.आर. (औसत राजस्व रन रेट) में 3 गुना से अधिक की आशाजनक वृद्धि दर्ज की है, और इस तरह कंपनी ने एडटेक के संबंध में बाजार के मौजूदा रुझानों को पीछे छोड़ दिया है। कंपनी ने घरेलू बाजारों के साथ-साथ दक्षिण-पूर्व एशिया (SEA) तथा मध्य-पूर्व एवं उत्तरी अफ़्रीका (MENA) जैसे अंतर्राष्ट्रीय बाजारों सहित ज्यादा-से-ज्यादा भौगोलिक क्षेत्रों में अपने कारोबार के दायरे को बढ़ाकर जबरदस्त गति से विकास सुनिश्चित करने का लक्ष्य रखा है। प्रैक्टिकली ने इस साल के अंत में अपने K-5 प्रोडक्ट को लॉन्च करने की तैयारी कर ली है। साथ ही, कंपनी STEM के अलावा सामाजिक विज्ञान और अंग्रेजी विषयों में भी अपनी पेशकश का विस्तार करते हुए पूरी दुनिया में 12वीं कक्षा तक की पढ़ाई के लिए शुरू से अंत तक के सभी समाधान उपलब्ध कराने के लिए तैयार है। 

       कंपनी ने विकास की गति को तेज करने के लिए हाल ही में मुंबई और मोहाली में कार्यालय खोले हैं, साथ ही कंपनी अगले एक साल में अपने कर्मचारियों की संख्या में 66% की बढ़ोतरी करना चाहती है। फिलहाल प्रैक्टिकली की टीम में 300 कर्मचारी काम कर रहे हैं। फेडेना (स्कूल ई.आर.पी.) के अधिग्रहण के बाद, प्रैक्टिकली के शुरू से अंत तक का विस्तृत समाधान उपलब्ध कराने वाले प्रोडक्ट, यानी प्रैक्टिकली स्कूल सॉल्यूशन को बड़े पैमाने पर स्कूलों ने अपनाया है। इसकी वजह से ब्रांड का कुल मिलाकर 50% से अधिक विकास हुआ है, जिसमें प्रमुख अंतर्राष्ट्रीय स्कूल भी शामिल हैं। हर स्तर पर की गई कोशिशों की वजह से, अब प्रैक्टिकली के उपयोगकर्ताओं की संख्या 21.5 मिलियन हो गई है, तथा दुनिया भर के 180 से अधिक देशों में 40,000 से ज्यादा स्कूलों एवं संस्थानों ने इसके साथ भागीदारी की है।

        अक्टूबर 2021 में प्रैक्टिकली को गूगल प्ले स्टोर पर शीर्ष दस एजुकेशनल ऐप्स की सूची में भी शामिल किया गया था और ट्रैक्सन द्वारा इसे ‘मिनीकॉर्न’ के रूप में मान्यता दी गई है। यह इस बात का सबसे बड़ा सबूत है कि, ब्रांड ने आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (ए.आई.) का उपयोग करके एक्स्पेरिएन्शियल लर्निंग के क्षेत्र में अपनी अलग पहचान बनाई है।

       भविष्य में विकास को आगे बढ़ाने वाले मुख्य घटकों के बारे में बताते हुए, श्रीमती चारु नोहेरिया, सह-संस्थापक एवं सीओओ, प्रैक्टिकली, ने कहा, “प्रैक्टिकली ने बेहद कम समय में ही आंकड़ों में मजबूत वृद्धि दर्ज की है और अब हम वित्त-वर्ष 2023 में 10 मिलियन डॉलर का सकल राजस्व प्राप्त करने की ओर बढ़ रहे हैं। हमें भारतीय बाजारों से 40% राजस्व, तथा शेष राजस्व अंतर्राष्ट्रीय बाजारों से मिलने की उम्मीद है। हमने इस इंडस्ट्री में पहली बार कुछ ऐसे फीचर्स लॉन्च किए हैं, जो बड़े पैमाने पर बदलाव लाने में सक्षम हैं तथा लर्निंग के क्षेत्र में एआई और एआर की ताकत को दिखाते हैं।” श्रीमती नोहेरिया ने आगे कहा, “हमें पूरा यकीन है कि हम आने वाले छह महीनों में विकास की इस गति को बरकरार रखेंगे और सीरीज़-बी फंडिंग प्राप्त करेंगे। 

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